पीक कर्ज के लिए 500 रुपये के स्टांप की अनिवार्यता? बैंक ऑफ बड़ौदा की कुही शाखा पर मनमानी का आरोप

पचखेड़ी: एक ओर बारिश की बेरुखी से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बैंक ऑफ बड़ौदा की कुही शाखा पर सरकारी नियमों की अनदेखी कर किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगा है। किसानों का आरोप है कि दो लाख रुपये तक के फसल ऋण पर स्टांप शुल्क माफ होने के बावजूद बैंक 500 रुपये के स्टांप पर शपथपत्र की मांग कर रहा है।

  • Save

दो लाख तक के फसल ऋण पर स्टांप शुल्क माफ

किसानों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 की अधिसूचना के तहत दो लाख रुपये तक के फसल ऋण पर 500 रुपये का मुद्रांक शुल्क माफ किया गया है। इसके बावजूद कुही शाखा में किसानों से 500 रुपये के स्टांप पर शपथपत्र लेने की मांग की जा रही है।

किसानों पर 1200 रुपये का अतिरिक्त बोझ

किसानों का कहना है कि स्टांप के अलावा नोटरी और आने-जाने का खर्च मिलाकर उन्हें करीब 1,200 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इससे पहले से आर्थिक परेशानी झेल रहे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

60 हजार के कर्ज के लिए भी स्टांप की मांग

सालवा निवासी किसान उल्हास मेश्राम ने आरोप लगाया कि उन्हें 60 हजार रुपये का फसल ऋण चाहिए, लेकिन बैंक कर्मचारियों द्वारा स्टांप लाने के बाद ही फाइल आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है। उन्होंने बैंक के इस रवैये को मनमाना बताया है।

  • Save

किसानों ने आंदोलन की दी चेतावनी

बैंक के कथित रवैये को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। किसानों ने नागपुर के जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और कुही तहसीलदार से तत्काल हस्तक्षेप कर मामले का समाधान करने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link