IIM नागपुर और गोवा PWD के बीच समझौता, ट्रैफिक जाम और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैयार होंगे नए मॉडल

नागपुर: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नागपुर (IIM Nagpur) ने सरकारी संस्थानों के साथ अपने सहयोग का विस्तार करते हुए गोवा लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य ट्रैफिक जाम, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और शहरी परिवहन व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का वैज्ञानिक अध्ययन करना है।

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पणजी में हुआ MoU पर हस्ताक्षर

यह MoU 9 सितंबर को पणजी में Porvorim के Six-Lane Elevated Corridor के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुआ। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने नवनिर्मित कॉरिडोर का उद्घाटन किया। गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

IIM नागपुर और Goa PWD के अधिकारियों ने किया समझौता

गोवा PWD के Principal Chief Engineer एवं सरकार के Ex-Officio Additional Secretary संदीप के. प्रभु चोडनेकर और IIM नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेट्री ने समझौते के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर उनका आदान-प्रदान किया।

12 महीने में तैयार होंगे ट्रैफिक और पैदल यात्री मॉडल

इस 12 महीने की परियोजना के तहत IIM नागपुर का Centre for Logistics, Infrastructure and Project Management (CLIP) गोवा के प्रमुख सड़क नेटवर्क के लिए ट्रैफिक-सिमुलेशन और पैदल यात्री निकासी मॉडल तैयार करेगा।

अध्ययन में पणजी के KTC Circle, Divja Circle और Merces Circle के साथ-साथ Margao और Sanquelim के प्रमुख स्थानों को शामिल किया जाएगा।

10, 20 और 30 साल की ट्रैफिक जरूरतों का होगा आकलन

CLIP की टीम सड़क नेटवर्क, ट्रैफिक वॉल्यूम, यात्रा समय, देरी, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन करेगी। इसके आधार पर अगले 10, 20 और 30 वर्षों की ट्रैफिक मांग का अनुमान लगाया जाएगा।

इससे भविष्य में बनने वाले ट्रैफिक जाम और bottlenecks की पहचान करने में मदद मिलेगी।

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पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस

परियोजना के तहत पैदल यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए evacuation models तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा ट्रैफिक सिग्नल टाइमिंग, सड़क और चौराहों के डिजाइन, पार्किंग प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन के बेहतर एकीकरण को लेकर भी सुझाव दिए जाएंगे।

CM प्रमोद सावंत ने बताया महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि IIM नागपुर के साथ यह सहयोग गोवा के प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों का वैज्ञानिक और व्यापक मूल्यांकन करने में मदद करेगा। अध्ययन से मिलने वाली सिफारिशों के आधार पर सरकार ट्रैफिक जाम कम करने, यातायात प्रवाह सुधारने और नागरिकों व पर्यटकों के लिए यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए दीर्घकालिक कदम उठा सकेगी।

IIM नागपुर के निदेशक ने बताई संस्थान की भूमिका

IIM नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेट्री ने कहा कि प्रबंधन संस्थानों की भूमिका केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संस्थानों को ऐसे समाधान विकसित करने चाहिए, जिनका सीधा लाभ नागरिकों को मिले।

उन्होंने कहा कि फील्ड डेटा, सिमुलेशन तकनीक और मैनेजमेंट सोच को एक साथ इस्तेमाल कर गोवा में सुरक्षित सड़कें, कम यात्रा समय और लंबे समय तक प्रभावी रहने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में सहयोग किया जाएगा।

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गोवा बना CLIP के साथ सहयोग करने वाला तीसरा राज्य

ट्रैफिक, पैदल यात्री और भीड़ प्रबंधन के क्षेत्र में गोवा, IIM नागपुर के CLIP के साथ MoU करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। इससे पहले CLIP ने महाराष्ट्र सरकार के साथ 2027 के नासिक और त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेले के लिए भीड़ प्रबंधन योजना तथा मध्य प्रदेश सरकार के साथ 2028 उज्जैन कुंभ मेले के लिए समझौता किया है।

कुंभ प्रबंधन से शहरी ट्रैफिक प्लानिंग तक बढ़ा दायरा

गोवा की यह परियोजना CLIP के काम के विस्तार को दर्शाती है। संस्थान अब केवल बड़े सार्वजनिक आयोजनों की क्राउड मैनेजमेंट प्लानिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा की शहरी मोबिलिटी, ट्रैफिक प्रबंधन और दीर्घकालिक परिवहन योजना में भी सरकारी एजेंसियों को तकनीकी और प्रबंधन संबंधी समाधान उपलब्ध कराएगा।

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