“डिपॉजिट जब्त होती थी तब चुनाव क्यों नहीं छोड़ते थे?”
नागपुर जिला स्थानीय निकाय विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। चुनाव को निर्विरोध कराने की भाजपा की कोशिशों पर कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा नेताओं के बयानों पर सवाल उठाते हुए लोकतंत्र और संविधान का हवाला दिया।
भाजपा नेताओं के बयानों पर जताई नाराजगी
गुडधे ने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद से ही पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और भाजपा के अन्य नेता लगातार निर्विरोध चुनाव की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
“लोकतंत्र में चुनाव जरूरी हैं”
प्रफुल्ल गुडधे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का संविधान लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आधारित है और उसमें चुनाव महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यदि भाजपा को लगता है कि चुनाव निर्विरोध होने चाहिए, तो इसका अर्थ यह नहीं कि सभी दल उसी सोच से सहमत होंगे।
भाजपा के पुराने दौर की दिलाई याद
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जनसंघ से लेकर भाजपा के शुरुआती दौर में कई बार उनके उम्मीदवारों की डिपॉजिट तक जब्त हो जाती थी। तब उन्होंने चुनाव लड़ना क्यों नहीं छोड़ा? गुडधे ने इसे भाजपा के दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।
उम्मीदवार चयन पर कांग्रेस का स्पष्ट रुख
गुडधे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव को गंभीरता से लड़ने की तैयारी कर रही है। उम्मीदवार का अंतिम फैसला कांग्रेस संसदीय बोर्ड द्वारा लिया जाएगा और उसी के अनुसार पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी।
अब तक एक भी आवेदन नहीं
इस बीच राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अब तक चुनाव के लिए किसी भी संभावित उम्मीदवार की ओर से औपचारिक आवेदन सामने नहीं आया है। हालांकि सभी दल अंदरूनी स्तर पर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।

