ईंधन की कीमतों ने बिगाड़ा घर का पूरा बजट
नागपुर सहित देशभर में लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम नागरिकों की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल के दाम 108 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुके हैं, जबकि डीजल भी लगभग 95 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंचा है। इसका सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन और घरेलू बजट पर दिखाई देने लगा है।
परिवहन महंगा होने से हर चीज के बढ़े दाम
ईंधन महंगा होने के कारण माल ढुलाई और परिवहन खर्च में भारी वृद्धि हुई है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने का असर अब बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। दाल, चावल, खाद्य तेल, मसाले और सब्जियों सहित लगभग हर जरूरी वस्तु के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
दाल और मसालों की कीमतों में भारी उछाल
बाजार में तुअर दाल और चना दाल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। इसके अलावा धनिया, जीरा, मिर्च और मूंगफली जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। गृहिणियों का कहना है कि हर महीने रसोई का खर्च बढ़ता जा रहा है और बजट संभालना मुश्किल हो गया है।
गर्मी में राहत देने वाला कूलर भी हुआ महंगा
भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत देने वाले कूलर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। तांबा, एल्युमिनियम और मेटल शीट के दाम बढ़ने से कूलरों की कीमत में 500 से 1000 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे आम परिवारों के लिए गर्मी से बचाव भी महंगा हो गया है।
ऑटो-टैक्सी चालकों और व्यापारियों में नाराजगी
लगातार बढ़ते ईंधन दामों से ऑटो चालक, टैक्सी ड्राइवर और ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी परेशान हैं। उनका कहना है कि कमाई कम हो रही है और खर्च लगातार बढ़ रहा है। कई लोगों ने सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तत्काल नियंत्रण लगाने की मांग की है।
महंगाई पर नियंत्रण नहीं हुआ तो बढ़ेंगी मुश्किलें
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही ईंधन कीमतों पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में महंगाई और अधिक बढ़ सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा, जिनके लिए रोजमर्रा का जीवन चलाना लगातार कठिन होता जा रहा है।

