कामठी सेतु सुविधा केंद्र बंद करने का आदेश, ग्रामीण जनता और छात्रों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ; वर्धा की तर्ज पर समाधान की मांग

कामठी: ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, छात्रों और मेहनतकश नागरिकों को एक ही स्थान पर कम और सरकारी दरों पर विभिन्न प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने वाले सेतु सुविधा केंद्रों पर संकट मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने कामठी समेत जिले के सभी 13 तहसील कार्यालयों में संचालित सेतु केंद्रों को बंद कर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया है। इससे पिछले करीब 25 वर्षों से सेवा दे रहे लगभग 40 कर्मचारियों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है।

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सरकारी दर पर मिलने वाले प्रमाणपत्र होंगे प्रभावित

सेतु केंद्र बंद होने पर नागरिकों को जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र और सातबारा जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए निजी महा-ऑनलाइन सेवा केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ेगा। इससे नागरिकों को सरकारी दर की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है।

40 कर्मचारियों के रोजगार पर संकट

कामठी समेत जिले के सेतु केंद्रों में लंबे समय से काम कर रहे करीब 40 कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद केंद्र बंद होने की स्थिति में उनके सामने आजीविका का गंभीर सवाल खड़ा हो जाएगा।

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वर्धा की तर्ज पर समाधान की मांग

नागरिकों और कर्मचारियों ने वर्धा जिले की व्यवस्था को अपनाने की मांग की है। वहां सेतु कर्मचारियों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए उन्हें उपविभागीय अधिकारियों के नियंत्रण में मानदेय पर नियुक्त किए जाने की बात सामने आई है। इसी तर्ज पर नागपुर जिले में भी इन कर्मचारियों को महा-ऑनलाइन की अधिकृत आईडी देकर तहसीलदारों की निगरानी में सेतु केंद्र जारी रखने की मांग की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय के राजस्व विभाग ने जिले के सभी उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को नोटिस जारी किया था। तालुका सेतु केंद्र के ठेकेदार मे. फोर्स 3 फोरम फॉर क्रिएटिव एंटरप्रेन्योरशिप की ओर से दायर मुआवजे की याचिका को मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने खारिज कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने 15 जून को आदेश जारी कर 15 सितंबर तक तहसील परिसर खाली करने के निर्देश दिए।

15 सितंबर की समयसीमा से पहले ही हटाने की कवायद

प्रशासन के आदेश के अनुसार सेतु केंद्र हटाने की अंतिम समयसीमा 15 सितंबर है, लेकिन कामठी तहसील कार्यालय से 4 सितंबर को ही केंद्र हटाने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। कर्मचारियों और नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब निर्धारित समयसीमा में अभी कई दिन बाकी हैं तो इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है।

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तहसीलदार ने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का हवाला दिया

कामठी के तहसीलदार गणेश जगदाड़े ने कहा कि तहसील परिसर से सेतु केंद्र हटाने के निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के अनुसार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट है तो उन्हें ठेकेदार के पास जाकर अपनी समस्या रखकर रोजगार का समाधान निकालना चाहिए।

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