कोराडी: कोराडी स्थित 660 मेगावाट बिजली केंद्र के यूनिट नंबर 10 में ओवरऑल कार्य के दौरान संविदा कर्मचारी मारुति मेश्राम (58) की मौत हो गई। काम के दौरान लोहे का रैक उनके ऊपर गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। नागपुर ले जाते समय उनकी मौत हो गई। हालांकि, उनकी मौत हादसे में हुई या हार्ट अटैक से, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
लोहे का रैक गिरने से घायल हुए थे मेश्राम
मंगलवार रात करीब 9 बजे यूनिट नंबर 10 के बॉयलर विभाग में काम चल रहा था। इसी दौरान लोहे का रैक संविदा कर्मचारी मारुति मेश्राम के ऊपर गिरने की जानकारी सामने आई। गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए नागपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
महाजनको ने हार्ट अटैक की जताई संभावना
महाजनको के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह घटना दुर्घटना के बजाय हृदयाघात से जुड़ी होने की संभावना है। महाजनको के मुताबिक, मेश्राम के काम के घंटे समाप्त हो चुके थे और वे घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
मौके पर दो बार हुई उल्टी
महाजनको की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मेश्राम ने घटनास्थल पर दो बार उल्टी की। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने ईसीजी जांच की, जिसमें हृदयाघात जैसे लक्षण दिखाई देने की जानकारी दी गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मौत को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आने के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मारुति मेश्राम की मौत लोहे का रैक गिरने से हुई चोटों के कारण हुई या हृदयाघात के चलते।
तीन कंपनियों के माध्यम से चल रहा था काम
यूनिट नंबर 10 के बॉयलर विभाग में कॉइल बदलने का काम लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) को मुख्य ठेके के तहत दिया गया है। एलएंडटी ने यह काम चंद्रपुर की अढोरे इंजीनियरिंग को सौंपा था, जबकि अढोरे इंजीनियरिंग ने आगे इसका उपठेका संपत रेड्डी नामक ठेकेदार को दिया था। मेश्राम का गेट पास भी एलएंडटी के माध्यम से जारी किया गया था।
परिवार को आर्थिक मदद का आश्वासन
महाजनको के अनुसार, संबंधित ठेकेदार ने मेश्राम के परिवार को नियमों के अनुसार हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। परिवार को कुछ आर्थिक मदद भी दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा ईएसआईसी के तहत मिलने वाले सभी लाभ भी परिवार को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

