नागपुर: गणेशोत्सव की आगमन और विसर्जन मिरवणुक, धम्मचक्र प्रवर्तन दिन और दुर्गोत्सव को देखते हुए नागपुर शहर पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन रोकने के लिए पुलिस भवन परिसर में डॉल्बी साउंड सिस्टम की प्रत्यक्ष जांच और ध्वनि तीव्रता की माप की गई।
पुलिस भवन में चार घंटे तक डॉल्बी की जांच
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील की प्रमुख उपस्थिति में गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पुलिस भवन परिसर में डॉल्बी साउंड सिस्टम की चाचणी की गई। इस दौरान साउंड मेजरिंग मशीन की सहायता से सिस्टम की वास्तविक ध्वनि तीव्रता मापी गई।
अलग-अलग वॉल्यूम और बास स्तर पर परीक्षण
डॉल्बी साउंड सिस्टम को विभिन्न वॉल्यूम और बास स्तरों पर चलाकर यह जांचा गया कि ध्वनि निर्धारित सीमा के भीतर रहती है या नहीं। पुलिस का उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल का तकनीकी दल भी मौजूद
जांच के दौरान महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल की विभागीय अधिकारी हेमा देशपांडे सहित तकनीकी दल मौजूद रहा। विशेषज्ञों ने ध्वनि की तीव्रता को मापते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप सिस्टम की जांच की।
ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने आयोजकों और साउंड सिस्टम संचालकों से निर्धारित ध्वनि सीमा का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया है। पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि त्योहारों के दौरान ध्वनि मर्यादा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

