वणी: वणी शहर से चोरी हुआ करीब 25 लाख रुपये कीमत का 12 चक्का टाटा हायवा ट्रक आखिरकार वणी पुलिस ने लातूर से बरामद कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए ट्रक का मूल नंबर बदलकर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी थी और उसे लातूर के एक पार्किंग यार्ड में छिपाकर रखा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी है।
ट्रक चोरी की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
विशाल लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट कंपनी के सुपरवाइजर हर्षल रमेश लोहबळे निवासी वणी ने 2 जुलाई 2026 को वणी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, कंपनी का सीजी-04-एनवी-1481 नंबर वाला 12 चक्का टाटा हायवा ट्रक लालपुलिया क्षेत्र से अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया था।
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान वणी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा की रिकॉर्डिंग, मोबाइल कॉल डिटेल्स और तकनीकी विश्लेषण की मदद ली। इसके आधार पर पुलिस ने चंद्रपुर, नागपुर और अन्य स्थानों पर जांच का दायरा बढ़ाया।
इसी जांच के दौरान पुलिस ने अजय चंद्रभान केसकर (जिला चंद्रपुर), राजू उर्फ जयप्रकाश केसकर (राजूर कॉलरी), हिरालाल बापुलाल कश्यप (कन्हान, नागपुर) और रविशंकर जगदीश प्रसाद (कामठी, नागपुर) को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
लातूर में छिपाकर रखा था 25 लाख का हायवा
पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि चोरी किया गया हायवा ट्रक लातूर में छिपाकर रखा गया है। इसके बाद वणी पुलिस की विशेष टीम तत्काल लातूर रवाना हुई।
पुलिस ने लातूर बायपास रोड पर स्थित विभिन्न पार्किंग यार्ड की तलाशी ली। इसी दौरान गणपति चौक क्षेत्र के एक पार्किंग यार्ड में चोरी किया गया हायवा ट्रक खड़ा मिला।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उसके मूल नंबर सीजी-04-एनव्ही-1481 की जगह टीएस-29-टीव्ही-8676 नंबर की फर्जी प्लेट लगा दी थी।
पुलिस ने ट्रक की पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि करने के बाद उसे जप्त कर वणी लाया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में अन्य आरोपियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात, उपविभागीय पुलिस अधिकारी रॉबिन बन्सल और पुलिस निरीक्षक भानुदास पिदुरकर के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में डीबी पथक प्रमुख पुलिस उपनिरीक्षक साजिद सैय्यद, पुलिस हेड कांस्टेबल गजानन सावसाकडे, मोनेश्वर खंडरे, नंदकुमार पुप्पलवार, गणेश मेश्राम और रितेश भोयर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

