नागपुर: नागपुर विभागीय पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कड़े मुकाबले के बाद कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज की। मतगणना के शुरुआती चरणों में भाजपा के पूर्व विधायक सुधाकर कोहले ने 4,200 मतों की बढ़त हासिल की थी। इस बढ़त के कारण कांग्रेस खेमे में पूरे दिन चिंता का माहौल बना रहा। हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराळे के दूसरी पसंद के मतों ने चुनावी तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई और अंततः अभिजीत वंजारी की जीत का रास्ता साफ हुआ। जीत की स्थिति स्पष्ट होते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया, जबकि भाजपा खेमे में निराशा छा गई।
शुरुआती बढ़त से कांग्रेस खेमे में बढ़ी चिंता
मतगणना मानकापुर स्थित विभागीय खेल परिसर में हुई। मंगलवार को दूसरे दौर की मतगणना के दौरान भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले करीब 4,200 मतों से आगे थे। इसके बाद लगभग 36 उम्मीदवारों के बाहर होने के बावजूद कोहले की बढ़त करीब 3,500 मतों के आसपास बनी हुई थी।
ऐसे में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या इस अंतर को पाटना संभव होगा। मतगणना के दौरान दोनों दलों के नेता लगातार परिणामों पर नजर बनाए हुए थे।
नितेश कराळे के दूसरी पसंद के मतों से बदला चुनावी रुख
चुनाव में पसंदीक्रम के आधार पर मतों की गिनती की प्रक्रिया निर्णायक साबित हुई। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराळे के दूसरी पसंद के मतों के हस्तांतरण से कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को लाभ मिला। इसके बाद मुकाबले की दिशा बदली और वंजारी जीत की ओर बढ़ने लगे।
इस घटनाक्रम ने मतगणना के अंतिम चरण में चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। शुरुआती बढ़त के बावजूद सुधाकर कोहले जीत हासिल नहीं कर सके।
कांग्रेस नेताओं ने रातभर मतगणना पर रखी नजर
मानकापुर स्थित विभागीय खेल परिसर में दोनों दलों के प्रमुख नेता देर रात तक मौजूद रहे। भाजपा की ओर से विधायक प्रवीण दटके और गिरीश देशमुख सहित अन्य नेता मतगणना पर नजर रखे हुए थे।
वहीं, कांग्रेस की ओर से विधायक विकास ठाकरे, शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे, प्रदेश महासचिव अतुल कोटेचा, जिलाध्यक्ष अश्विन बैस, प्रवक्ता अतुल लोंढे और महासचिव गिरीश पांडव सहित अन्य नेता मतगणना स्थल पर मौजूद रहे।
जीत की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जश्न
मंगलवार रात करीब 9:30 बजे अभिजीत वंजारी की जीत की संभावना स्पष्ट होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार के पास जुटने लगे। वंजारी की जीत के बाद महाविकास आघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने भी खुशी मनाई और नारेबाजी की।
दूसरी ओर, भाजपा खेमे में अंतिम समय में मिली हार के कारण निराशा का माहौल रहा। सुधाकर कोहले की जीत के लिए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत लगाई थी, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया।
कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
मतगणना केंद्र के बाहर लगातार दूसरे दिन कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव देखने को मिला। अभिजीत वंजारी की निर्णायक बढ़त सामने आने के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर नारे लगाए, जिसके जवाब में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों गुटों को अलग करने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। बाद में स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
कांटे की टक्कर के बाद वंजारी की जीत
नागपुर विभागीय पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव शुरुआती बढ़त, पसंदीक्रम के मतों की गिनती और अंतिम चरण में बदले समीकरणों के कारण चर्चा में रहा। भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले की शुरुआती बढ़त के बावजूद कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने अंततः जीत हासिल की। परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न और भाजपा खेमे में निराशा का माहौल देखने को मिला।

