राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। ‘जल जीवन मिशन-2.0’ के तहत केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य दिसंबर 2028 तक राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत को ‘हर घर पानी’ प्रमाणपत्र दिलाना है।
समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल आपूर्ति से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को पूरा करना और उनके प्रभावी संचालन एवं रखरखाव को सुनिश्चित करना है। साथ ही, तैयार की गई पानी आपूर्ति योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण भी इस करार का अहम हिस्सा है।
दिसंबर 2028 तक तय किया गया लक्ष्य
सरकार ने इस योजना के तहत दिसंबर 2028 तक राज्य की हर ग्राम पंचायत को ‘प्रत्येक घराला पाणी’ यानी हर घर जल प्रमाणपत्र दिलाने का लक्ष्य रखा है। यह कदम ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कार्यक्रम में हुए शामिल
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। उनकी उपस्थिति को इस योजना के प्रति राज्य सरकार की गंभीरता और प्राथमिकता के रूप में देखा जा रहा है।
ग्राम पंचायतों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
इस मिशन के तहत केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना ही नहीं, बल्कि जलापूर्ति योजनाओं का स्थानीय स्तर पर संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से करना भी प्राथमिकता में है। इससे स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच सकेगा।
ग्रामीण जल व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम
‘जल जीवन मिशन-2.0’ को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने और दीर्घकालिक जल प्रबंधन को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह योजना आने वाले वर्षों में गांव-गांव तक स्वच्छ और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

