नागपुर में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन, दही हांडी और गणेशोत्सव जैसे आगामी त्योहारों को देखते हुए नागपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों को परखने के लिए सक्करदरा और अजनी क्षेत्र में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल तथा रूट मार्च किया। यह संयुक्त अभ्यास पुलिस आयुक्त के निर्देश और डीसीपी जोन-4 रश्मिता राव एन. के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
दंगा नियंत्रण अभ्यास में पुलिसकर्मियों ने दिखाया दम
मॉक ड्रिल में जोन-4 के सभी वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शामिल हुए। प्रत्येक पुलिस थाने से एक पुलिस अधिकारी और 10 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा ईद की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियंत्रण कक्ष की ओर से 30 होमगार्ड भी तैनात किए गए।
लाठी, हेलमेट और ढाल से लैस रही पुलिस
अभ्यास में शामिल पुलिसकर्मियों को लाठी, हेलमेट, ढाल, गैस गन, गैस शेल और अन्य दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस किया गया था। मॉक ड्रिल शाम 6 बजे शुरू होकर 6:20 बजे समाप्त हुई।
ताजबाग से शुरू हुआ रूट मार्च
मॉक ड्रिल के बाद डीसीपी जोन-4 के आदेश पर सक्करदरा और नंदनवन थाना क्षेत्रों में रूट मार्च निकाला गया। मार्च शाम 6:30 बजे ताजबाग दरगाह क्षेत्र से शुरू हुआ।
इन इलाकों से होकर गुजरा पुलिस मार्च
रूट मार्च यासीन प्लॉट, शहंशाह चौक, आजाद कॉलोनी, छोटी मस्जिद और नंदनवन थाना क्षेत्र के पंचवटी आश्रम के सामने से होते हुए आगे बढ़ा। इसके बाद पुलिसकर्मी बुलंद गेट से होकर गुजरे और मार्च शाम 7:10 बजे बड़ा ताजबाग शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में समाप्त हुआ।
131 पुलिसकर्मी और होमगार्ड रहे शामिल
दंगा नियंत्रण अभ्यास और रूट मार्च में कुल 131 पुलिसकर्मी और होमगार्ड शामिल हुए। इनमें एक डीसीपी, दो एसीपी, छह वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, 12 पुलिस उपनिरीक्षक, 80 पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मी और 30 पुरुष एवं महिला होमगार्ड शामिल रहे।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
पुलिस के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों का आकलन, किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को परखना और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है। त्योहारों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

