नागपुर के गोधनी क्षेत्र में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। गैस के संपर्क में आने से प्रभावित नागरिकों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार और निगरानी जारी है। वहीं, स्वास्थ्य में सुधार के बाद 15 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
52 नागरिकों में दिखे गैस के लक्षण
फागुजी लेआउट स्थित जल उपचार संयंत्र से क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद कुल 52 नागरिकों में अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी लक्षण सामने आए थे। बड़ी मात्रा में गैस के संपर्क में आने के कारण करीब 35 लोगों को निगरानी में रखा गया था।
आईसीयू में भर्ती मरीज की हालत में सुधार
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, घटना के बाद आठ मरीज आईसीयू में भर्ती थे। इनमें से एक मरीज की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अन्य प्रभावित नागरिकों की स्थिति पर भी चिकित्सकों द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है।
जल उपचार संयंत्र में हुआ था गैस रिसाव
अधिकारियों के अनुसार, फागुजी लेआउट स्थित जल उपचार संयंत्र कमीशनिंग की प्रक्रिया में था। संयंत्र में रखा क्लोरीन सिलेंडर अलग स्थान पर रखा गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उसमें से गैस का रिसाव शुरू हो गया। इससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
जांच जारी, सिलेंडर को हटाया गया
क्लोरीन गैस रिसाव के कारणों की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, खराब क्लोरीन सिलेंडर को संयंत्र से हटा दिया गया है। इसके बाद स्थिति का आकलन कर सुरक्षा संबंधी कदम उठाए गए हैं।
आवासीय क्षेत्रों से हटाए गए प्रतिबंध
गैस रिसाव के बाद एहतियात के तौर पर आसपास के आवासीय इलाकों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगाकर क्षेत्र को बैरिकेड्स से घेर दिया गया था। मानकापुर पुलिस ने स्थिति सामान्य होने के बाद बुधवार को आवासीय क्षेत्रों से आवाजाही संबंधी प्रतिबंध हटा दिए। बैरिकेड्स भी हटा दिए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों में अब भी घटना की चिंता
हालात सामान्य होने के बावजूद संयंत्र के आसपास रहने वाले नागरिकों में घटना को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि प्रभावित नागरिकों के स्वास्थ्य की भी लगातार निगरानी की जा रही है।

