हिंगणा: रायपूर में हर सोमवार लगने वाला साप्ताहिक बाजार हिंगणा-नागपुर राज्य महामार्ग पर भरने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बाजार की दुकानें सड़क के दोनों ओर लगने और खरीदारी के लिए आने वाले नागरिकों के वाहन सड़क पर ही खड़े होने से हर सोमवार भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इससे हादसों के साथ ही मोबाइल और पर्स चोरी की घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
महामार्ग पर ही लगती हैं दुकानें
रायपूर ग्रामपंचायत की गुजरी के लिए उपलब्ध जगह बेहद छोटी है। इसके चलते सब्जी और अन्य दुकानदार सड़क के दोनों ओर दुकानें लगाने को मजबूर हैं। बाजार में आने वाले ग्राहक भी अपने वाहन सड़क किनारे पार्क करते हैं, जिससे महामार्ग पर वाहनों की आवाजाही के लिए जगह कम पड़ जाती है।
स्टार बस स्टॉप पर रुकती है बस, थम जाता है यातायात
रायपूर में पुलिस स्टेशन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत समिति और कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय हैं। ऐसे में यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। विशेष रूप से स्टार बस स्टॉप पर बस के रुकते ही पूरी यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है।
20-25 गांवों से पहुंचते हैं नागरिक
रायपूर के साप्ताहिक बाजार में मोहगांव, किन्ही, धानोली, मेटाउमरी, खैरी पन्नासे, मोंढा और पांजरी समेत करीब 20 से 25 गांवों के नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के एक साथ पहुंचने से सोमवार को जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है।
मेट्रो निर्माण से स्थिति और बिगड़ी
पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में मेट्रो का काम भी चल रहा है। इसके कारण पहले से व्यस्त हिंगणा-नागपुर महामार्ग पर यातायात का दबाव और बढ़ गया है। यह मार्ग तालुका क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख महामार्ग है, जहां दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही होती है।
हादसों के साथ चोरी का भी बढ़ा खतरा
सड़क पर बाजार लगने और वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है। वहीं बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल और पर्स चोरी की घटनाएं भी हो रही हैं। पुलिस समय-समय पर बंदोबस्त करती है, लेकिन बाजार और पार्किंग को कहां स्थानांतरित किया जाए, यह समस्या अब भी बनी हुई है।
सव्वातीन एकड़ जमीन पर बाजार शिफ्ट करने की तैयारी
रायपूर के सरपंच उमेश आंबटकर के अनुसार, साप्ताहिक बाजार की समस्या गंभीर और लंबे समय से लंबित है। उन्होंने बताया कि यह समस्या केवल पुलिस की मदद से हल नहीं हो सकती। इसलिए पुराने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और जिला परिषद की करीब सव्वातीन एकड़ जमीन को जल्द अपने कब्जे में लेकर बाजार को वहां स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है।

