नागपुर: स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बीच मतदाता पंजीकरण और अंतिम मतदाता सूची जारी होने के समय को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मतदाता पंजीकरण के लिए प्राप्त हजारों आवेदन अब भी लंबित बताए जा रहे हैं। इन आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री और जांच की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में सवाल है कि अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी और उससे पहले सभी आवेदनों की जांच पूरी हो पाएगी या नहीं।
22 सितंबर तक 1.94 लाख से अधिक आवेदन
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदाता पंजीकरण की अंतिम तारीख 26 सितंबर निर्धारित की गई थी। 22 सितंबर तक नागपुर संभाग में 1 लाख 94 हजार 404 मतदाता पंजीकरण आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 1 लाख 59 हजार 992 मतदाताओं का पंजीकरण पूरा हो चुका था।
अंतिम तारीख से पहले के तीन दिनों में राजनीतिक दलों की ओर से बड़ी संख्या में आवेदन जमा किए गए। इसके चलते चुनाव विभाग के पास आवेदनों का बड़ा ढेर जमा हो गया।
आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री और जांच जारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में आवेदन अब भी ऑनलाइन दर्ज और सत्यापित किए जा रहे हैं। प्रक्रिया में देरी के कारण अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मतदाताओं को नाम जांचने के लिए कितना समय मिलेगा?
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पात्र मतदाताओं को अपना नाम जांचने का अवसर मिलना जरूरी है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं होता या विवरण में कोई गलती रहती है, तो नियमानुसार आपत्ति या दावा दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय मिलना अपेक्षित है।
हालांकि, पंजीकरण और सत्यापन में देरी के कारण आगे की प्रक्रिया के लिए उपलब्ध समय कम होने की आशंका है। इससे पात्र मतदाताओं को परेशानी होने की संभावना जताई जा रही है।
6 अक्टूबर तक पंजीकरण पूरा करने की तैयारी
चुनाव विभाग के सूत्रों के अनुसार, 6 अक्टूबर तक सभी मतदाताओं के नाम दर्ज करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद ली जा रही है और सभी लंबित आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री पूरी करने की तैयारी है।
इसके बाद दो से तीन दिनों के भीतर अंतिम मतदाता पूरक सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
पात्र मतदाताओं को पर्याप्त समय देने की मांग
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य राहुल हनवते ने मांग की है कि चुनाव विभाग अतिरिक्त मनुष्यबल लगाकर मतदाता पंजीकरण का काम जल्द पूरा करे। अंतिम सूची में नाम शामिल नहीं होने वाले पात्र मतदाताओं को आपत्ति और दावा दर्ज कराने के लिए निश्चित समय दिया जाए और आवश्यकता होने पर समय-सीमा बढ़ाई जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि मतदाताओं को उनका नाम अंतिम सूची में शामिल हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

