नागपुर पदवीधर चुनाव में मतदाता सूची का बड़ा घालमेल! कई जगह डुप्लीकेट नाम, एक महिला का नाम 3 केंद्रों पर; मतदान व्यवस्था पर उठे सवाल

वाड़ी के 670 मतदाताओं के नाम बेसा केंद्र पर, वोट डालने के लिए भटकते रहे मतदाता

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नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन मतदाता सूची में गड़बड़ियों और मतदान केंद्रों के गलत आवंटन की शिकायतों ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। वाड़ी नगर परिषद कार्यालय में पहली बार बनाए गए तीन मतदान केंद्रों पर कुल 1,693 मतदाताओं में से 1,022 स्नातकों ने मतदान किया, जो 60.36 प्रतिशत रहा।

हालांकि, वाड़ी क्षेत्र के करीब 670 मतदाताओं के नाम बेसा स्थित मतदान केंद्र की सूची में शामिल होने से मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपना मतदान केंद्र खोजने के लिए भटकना पड़ा। मतदाता सूची में इस तरह की विसंगतियों के कारण लोगों में नाराजगी भी देखी गई।

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सर्वेश्वरनगर में मतदाता के नाम के सामने पहले से मतदान की प्रविष्टि

सर्वेश्वरनगर स्थित अमित उच्च प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र क्रमांक 130 के कक्ष संख्या 2 में डॉ. प्रशांत गायकवाड़ मतदान करने पहुंचे। इस दौरान मतदाता सूची में उनके नाम के सामने पहले से मतदान होने की प्रविष्टि और हस्ताक्षर दर्ज होने की बात सामने आई।

इस घटना के बाद मतदाता सूची और मतदान केंद्रों पर दर्ज रिकॉर्ड की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस विसंगति के कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

सावनेर में प्रीति बंड के नाम पर पहले से मतदान दर्ज

सावनेर के मतदान केंद्र क्रमांक 18 पर अनुक्रमांक 13 में दर्ज प्रीति अजय बंड के नाम के सामने पहले से मतदान होने की प्रविष्टि मिली। मतदान करने पहुंचीं प्रीति बंड ने इस पर आपत्ति जताई।

इसके बाद उन्हें टेंडर वोटिंग की सुविधा प्रदान की गई। इस घटना से सवाल उठा कि संबंधित मतदाता के नाम पर पहले से मतदान दर्ज कैसे हुआ। मामले में जानबूझकर फर्जी मतदान हुआ या रिकॉर्ड में गलती के कारण ऐसा हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज, मतदान से संबंधित पर्ची और रिकॉर्ड सार्वजनिक करने तथा विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।

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एक महिला मतदाता का नाम तीन अलग-अलग सूचियों में दर्ज

नागपुर में मतदाता सूची से जुड़ी एक अन्य विसंगति भी सामने आई है। प्रभाग क्रमांक 7, चॉक्स कॉलोनी की रहने वाली अधिवक्ता स्माइल अनमोल गोस्वामी का नाम तीन अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, उनका नाम इन स्थानों की सूचियों में दर्ज था:

  • भाग क्रमांक 74: एस.सी.एस. गर्ल्स हाईस्कूल, अनुक्रमांक 207।
  • भाग क्रमांक 69: पीडब्ल्यूएस कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, अनुक्रमांक 143।
  • भाग क्रमांक 73: एस.सी.एस. गर्ल्स हाईस्कूल, अनुक्रमांक 677।

उनके पिता और वरिष्ठ अधिवक्ता अनमोल गोस्वामी ने इस मामले की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए सवाल उठाया कि मतदाता सूची तैयार करने और उसकी जांच के दौरान ऐसी विसंगतियां कैसे रह गईं। उन्होंने मामले की जांच की मांग की।

निजी स्कूलों पर छुट्टी नहीं देने का आरोप

मतदान के दिन आकस्मिक अवकाश को लेकर स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद कुछ निजी स्कूलों द्वारा कर्मचारियों को छुट्टी नहीं देने का आरोप भी सामने आया। इसके कारण कुछ मतदाता मतदान नहीं कर सके, ऐसी शिकायतें की गई हैं।

बताया जा रहा है कि नौकरी पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका के कारण कुछ कर्मचारी शिकायत दर्ज कराने से भी हिचकिचाए। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मतदाताओं के मतदान के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय होगा।

मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव प्रबंधन पर सवाल

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नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में डुप्लीकेट प्रविष्टियां, दूर स्थित मतदान केंद्र और एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग केंद्रों पर होने जैसी समस्याओं की शिकायतें सामने आईं। इन घटनाओं ने मतदाता सूची तैयार करने, उसकी अंतिम जांच और मतदान केंद्रों के आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र मतदाता को बिना अनावश्यक परेशानी के मतदान का अवसर मिलना आवश्यक है। ऐसे में संबंधित विसंगतियों की निष्पक्ष जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी माना जा रहा है।

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