नागपुर: इस वर्ष बारिश में आए लंबे खंड और अपेक्षाकृत कम वर्षा को देखते हुए राज्य सरकार ने संभावित जलसंकट से निपटने के लिए जलसंधारण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिला नियोजन समितियों के माध्यम से सीमेंट सड़क और नालियों के लिए प्रस्तावित निधि को फिलहाल रोककर जलसंधारण तथा पेयजल संबंधी कार्यों की ओर मोड़ने की तैयारी है।
सरकार ने गांव स्तर पर जलस्रोतों को मजबूत करने, पुराने जलसंचय बांधों की मरम्मत और पेयजल योजनाओं के स्रोतों के पुनर्भरण पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्थिति पर नजर रखने के लिए सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ाई गई है।
जलसंधारण के कार्यों को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
बारिश में खंड के कारण भविष्य में पानी की कमी की आशंका को देखते हुए जिला नियोजन समितियों को उपलब्ध निधि के प्राथमिकता क्रम पर पुनर्विचार करने के निर्देश दिए गए हैं। जलसंधारण और पेयजल से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
सीमेंट सड़क और नालियों के काम फिलहाल रुकेंगे
जलसंधारण को प्राथमिकता देने के लिए सीमेंट सड़क और नालियों के कार्यों के लिए प्रस्तावित निधि को फिलहाल रोके जाने की जानकारी सामने आई है। आवश्यकता के अनुसार इस निधि को जलसंधारण और पेयजल संबंधी कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा।
‘शिवकालीन बंधारों’ के पुनरुद्धार पर जोर
गांवों में मौजूद पारंपरिक जलस्रोतों और ‘शिवकालीन बंधारों’ की मरम्मत एवं पुनरुद्धार किया जाएगा। जिन कार्यों से जलसंचय क्षमता बढ़ सकती है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की योजना है।
पुराने और मृत जलसंचय बांधों की होगी मरम्मत
जिन पुराने तथा मृत जलसंचय बांधों की पानी संग्रह करने की क्षमता कम हो गई है, उनकी आवश्यक मरम्मत की जाएगी। इससे उपलब्ध जलस्रोतों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने और जलसंचय क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पेयजल योजनाओं के स्रोतों का होगा पुनर्भरण
पेयजल योजनाओं के जलस्रोतों को मजबूत करने के लिए रिचार्ज और पुनर्भरण के कार्य किए जाएंगे। जलस्रोतों में पानी की उपलब्धता बढ़ाकर भविष्य में संभावित पेयजल संकट की तीव्रता कम करने का प्रयास किया जाएगा।
रोहयो और कृषि योजनाओं के जरिए जलसंधारण कार्य
रोजगार हमी योजना (रोहयो) और कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर जलसंधारण के कार्य किए जाएंगे। इससे एक ओर जलसंचय क्षमता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
पानी का उपयोग सावधानी से करने की अपील
सरकार ने नागरिकों से पानी का संभलकर और आवश्यकता के अनुसार उपयोग करने की अपील की है। इस वर्ष बारिश का प्रमाण कम रहने के कारण आने वाले समय में पानी की कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में अभी से जलस्रोतों के संरक्षण और पानी की बचत पर ध्यान देना जरूरी माना जा रहा है।
जिलाधिकारियों की अनुमति के बिना अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे
जलसंकट की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए जिलाधिकारियों की अनुमति के बिना सरकारी अधिकारियों को गांव या मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, ऐसी जानकारी सामने आई है। प्रशासन को स्थानीय स्तर पर स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

