नागपुर: शहर में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को तापमान सीधे 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक उच्चतम स्तर है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 18 अप्रैल को सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत अधिकारों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों का विशेष ध्यान रखें, उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं और हल्के कपड़े पहनाएं, ताकि गर्मी के प्रभाव से बचा जा सके।
उष्माघात जैसे लक्षणों के बढ़ते मामले
तेज गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 1 मार्च से 16 अप्रैल के बीच कुल 31 मरीजों की पहचान हुई है, जिनमें से 13 मरीज ‘हीट एक्जॉशन’ यानी अत्यधिक थकावट के शिकार पाए गए। इसके अलावा 10 मरीज हीट रैश और 8 मरीज हीट क्रैम्प्स से पीड़ित हैं। यह आंकड़े शहर में बढ़ते गर्मी के खतरे का संकेत दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को देखते हुए हीट एक्शन प्लान लागू कर दिया है। अस्पतालों में जरूरी दवाइयां और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को सतर्क कर दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अगले दो दिनों तक विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि गर्मी का असर अभी और जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 20 और 21 अप्रैल को आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। हालांकि उससे पहले के दो दिन भीषण गर्मी और हीट वेव का असर जारी रहेगा।

