सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, अमरावती के दर्यापुर से आरोपी महिला हिरासत में
नागपुर में एक बस चालक की घर के बाहर खड़ी कार में आधी रात को आग लगाने की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कार को आग लगाने वाली कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित की ही एक रिश्तेदार महिला थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि 15 साल पुराने पैसों के विवाद के कारण महिला ने यह कदम उठाया।
घर के बाहर खड़ी कार को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, निखिलेश कृष्णराव राजूरकर (35) निवासी फागोजी लेआउट, गोधनी की एमएच-40-डीई-3375 नंबर की कार 30 मई की रात करीब साढ़े तीन बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग के हवाले कर दी गई। आग लगने की सूचना पड़ोसियों ने तुरंत राजूरकर को दी, जिसके बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना देकर आग पर काबू पाया गया।
सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम कड़ी
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में रात 3:09 बजे एक व्यक्ति कार पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाते हुए दिखाई दिया। करीब 20 से 25 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी एक महिला है।
फोन लोकेशन के आधार पर हुई गिरफ्तारी
तकनीकी जांच और फोन लोकेशन की मदद से पुलिस ने पुष्पा काशीराम आमले (55) निवासी जैनपुर, दर्यापुर, जिला अमरावती को हिरासत में लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी महिला पीड़ित की रिश्तेदार है।
60 हजार रुपये के पुराने विवाद से उपजा गुस्सा
पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया कि उसने लगभग 15 वर्ष पहले राजूरकर को 60 हजार रुपये उधार दिए थे, जो अब तक वापस नहीं मिले। महिला का दावा है कि पैसे मांगने पर भी उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा था और फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसी नाराजगी और बदले की भावना में उसने कार में आग लगाने की योजना बनाई।
पुलिस कर रही मामले की आगे की जांच
मानकापुर पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना को अंजाम देने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

