किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली ‘गोरी’ क्रीम बाजार में धड़ल्ले से बिक्री, बड़ा खुलासा

नागपुर: शहर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पाकिस्तान में बनने वाली ‘गोरी’ (Goree) ब्यूटी क्रीम की खुलेआम बिक्री की जा रही है। एक स्टिंग ऑपरेशन में यह खुलासा हुआ कि इस क्रीम में सुरक्षित सीमा से 47 हजार गुना ज्यादा मर्क्युरी (पारा) पाया गया है, जो सीधे किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बावजूद बाजार में इसकी मांग और बिक्री लगातार जारी है।

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त्वचा गोरी करने के नाम पर सेहत से खिलवाड़

यह क्रीम त्वचा को गोरा करने के नाम पर बेची जाती है, लेकिन इसके नियमित उपयोग से शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इससे लघवी के जरिए प्रोटीन का रिसाव शुरू हो जाता है, जिसे ‘मेंब्रेनस नेफ्रोपैथी’ नामक खतरनाक किडनी बीमारी माना जाता है। नागपुर के एक निजी अस्पताल में ऐसे 22 से अधिक मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।

स्टिंग ऑपरेशन में बड़ा खुलासा, मुंबई से हो रहा सप्लाई

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जांच में सामने आया कि यह क्रीम मुंबई के जरिए नागपुर में सप्लाई की जा रही है। विशेषज्ञों की जांच में इस क्रीम में 47,891.7 पीपीएम मर्क्युरी पाया गया, जो मानव उपयोग के लिए बेहद खतरनाक स्तर है। इससे यह साफ हो गया है कि यह उत्पाद न केवल घटिया बल्कि जानलेवा भी है।

बिना रोक-टोक दुकानों में बिक्री, बिल के साथ मिल रही क्रीम

स्टिंग के दौरान कामठी इलाके की एक दुकान में यह क्रीम 330 रुपये में आसानी से उपलब्ध पाई गई। हैरानी की बात यह है कि दुकानदार ने बिना किसी हिचकिचाहट के बिल के साथ क्रीम बेची। इससे साफ होता है कि यह गैरकानूनी कारोबार खुलेआम चल रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एफडीए की कार्रवाई, लेकिन जांच के दौरान ‘माल’ गायब

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मामला सामने आने के बाद अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने संबंधित दुकान पर छापा मारा। जांच के दौरान दुकानदार ने लिखित में स्वीकार किया कि क्रीम का सप्लाई मुंबई से होता है। हालांकि, छापेमारी के समय दुकान से पूरा स्टॉक रहस्यमय तरीके से गायब मिला, जिससे यह शक और गहरा हो गया कि माल को पहले ही हटा दिया गया था।

बड़ा सवाल: क्या रुक पाएगा जानलेवा क्रीम का काला कारोबार?

प्रशासन ने शहरभर में कॉस्मेटिक दुकानों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल छापेमारी से इस खतरनाक नेटवर्क पर रोक लग पाएगी या इसके पीछे चल रहे पूरे रैकेट का पर्दाफाश होगा। फिलहाल, यह मामला शहर में जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

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