नागपुर में बढ़ते तलाक के मामले: तीन वर्षों में 5 हजार से अधिक टूटे रिश्ते, बदलती जीवनशैली बनी वजह

नागपुर: उपराजधानी नागपुर में बदलती जीवनशैली, बढ़ता अहंकार और संवाद की कमी के कारण वैवाहिक संबंधों में दरार तेजी से बढ़ रही है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पिछले तीन वर्षों में 9,088 दंपतियों ने तलाक के लिए आवेदन किया, जिनमें से 5,034 मामलों में रिश्ते कानूनी रूप से समाप्त हो चुके हैं। यह आंकड़े शहर में परिवार व्यवस्था पर बढ़ते संकट की ओर इशारा करते हैं।

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हर साल तलाक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जो सामाजिक बदलाव और मानसिक दबाव को दर्शाता है।

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तीन वर्षों में तेजी से बढ़े तलाक के मामले

  • 2023: 2,540 मामले दर्ज, 1,705 तलाक मंजूर, 1,040 लंबित
  • 2024: 2,596 मामले दर्ज, 1,562 तलाक मंजूर, 847 लंबित
  • 2025: 3,952 मामले दर्ज, 1,767 तलाक मंजूर, 1,085 लंबित

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2025 में सबसे अधिक तलाक के आवेदन दर्ज किए गए, जो एक चिंताजनक संकेत है।

क्यों टूट रहे हैं रिश्ते?

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विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में कई सामाजिक और व्यक्तिगत कारण विवाह टूटने की वजह बन रहे हैं।

अहंकार और ‘इगो क्लैश’ बना बड़ी वजह

आधुनिक जीवनशैली में स्वाभिमान और अहंकार का टकराव बढ़ता जा रहा है। पति-पत्नी के बीच समझौते की भावना कम होती जा रही है, जिससे छोटे-छोटे विवाद भी बड़े विवादों में बदल रहे हैं।

परिवार का अत्यधिक हस्तक्षेप

कई मामलों में ससुराल या मायके पक्ष का अनावश्यक हस्तक्षेप भी वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है। इससे दंपतियों के बीच तनाव और विवाद बढ़ते हैं।

संवाद की कमी और सोशल मीडिया का प्रभाव

सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, नौकरी का तनाव, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और करियर की दौड़ के कारण दंपतियों के बीच संवाद कम होता जा रहा है। एक-दूसरे के लिए समय न निकाल पाना रिश्तों में दूरी बढ़ा रहा है।

अन्य कारण भी जिम्मेदार

  • मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न
  • विवाहपूर्व प्रेम संबंध
  • विवाहेतर संबंध
  • जिम्मेदारियों के साथ तालमेल न बैठा पाना

ये सभी कारण मिलकर वैवाहिक संबंधों को कमजोर कर रहे हैं।

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विशेषज्ञों की राय: पहले रिश्ते मजबूत बनाना जरूरी

समुपदेशक अपर्णा बोरकर के अनुसार, “आज के समय में एक-दूसरे को समझने की क्षमता कम होती जा रही है। सोशल मीडिया और प्रतिस्पर्धा के कारण पति-पत्नी के बीच संवाद खत्म हो रहा है।”

वहीं, जिला विधि सेवा प्राधिकरण से जुड़े मुकुंद अडेवार का कहना है कि “तलाक के बाद रिश्ते बचाने की कोशिश करने के बजाय, विवाह से पहले ही रिश्ते को मजबूत बनाना अधिक जरूरी है। प्री-वेडिंग काउंसलिंग से दंपतियों को जिम्मेदारियों और आपसी समझ का बेहतर ज्ञान मिलता है।”

बढ़ते तलाक के मामले समाज के लिए चेतावनी

नागपुर में लगातार बढ़ते तलाक के मामले समाज के बदलते स्वरूप और पारिवारिक मूल्यों में आ रहे बदलाव का संकेत हैं। यदि समय रहते इस दिशा में जागरूकता और संवाद नहीं बढ़ाया गया, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

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