नागपुर: विदर्भ सहित नागपुर में अब तक मानसून की दस्तक नहीं होने से पानी संकट की आशंका गहराने लगी है। जून का महीना समाप्ति की ओर है, लेकिन तेज गर्मी और लगातार हो रहे बाष्पीकरण के कारण जलस्रोतों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं होती है, तो शहर के पानी आपूर्ति तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है और नागरिकों को पानी कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
नागपुर महानगरपालिका को अब जल प्रबंधन की रणनीति बनाने की आवश्यकता महसूस हो रही है, क्योंकि मौजूदा स्थिति भविष्य में और चिंताजनक हो सकती है।
नवेगांव खैरी जलाशय का स्तर 20% से अधिक गिरा
शहर को प्रमुख रूप से पानी उपलब्ध कराने वाले नवेगांव खैरी प्रकल्प में पिछले एक महीने में 20.72% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- 20 मई को जलस्तर: 87.53%
- 21 जून को जलस्तर: 66.81%
- पिछले वर्ष (21 जून): 78.43%
यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि इस वर्ष जलसंचय पिछले साल की तुलना में काफी कम है।
तोतलाडोह परियोजना का जलस्तर भी घटा
तोतलाडोह जलाशय में भी पानी का स्तर घटकर 50.56% पर पहुंच गया है। नागपुर शहर की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोजाना लगभग 730 से 740 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आपूर्ति की जाती है, जिससे इन जलस्रोतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
पेंच जलशुद्धीकरण केंद्रों पर बढ़ा दबाव
पेंच जलशुद्धीकरण केंद्र (1 से 4) नागपुर के जल आपूर्ति तंत्र का अहम हिस्सा हैं।
- नवेगांव खैरी से नहर (कैनाल) के जरिए पानी यहां लाया जाता है
- रोजाना 530 से 540 एमएलडी पानी शुद्ध कर शहर में आपूर्ति की जाती है
यदि जलाशयों का स्तर इसी तरह गिरता रहा, तो इन केंद्रों की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
कन्हान नदी पर निर्भरता और बढ़ी
कन्हान जलशुद्धीकरण केंद्र से प्रतिदिन करीब 200 एमएलडी पानी लिया जाता है।
गर्मी के कारण नदी का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे नदी को सूखने से बचाने के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ रहा है। यह स्थिति जल प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है।
जल कटौती की आशंका, प्रशासन अलर्ट
यदि मानसून ने और देरी की, तो पेंच और कन्हान दोनों स्रोतों पर दबाव बढ़ेगा और नागपुरवासियों को पानी की कटौती झेलनी पड़ सकती है।
प्रशासन के सामने अब पानी बचत और वैकल्पिक प्रबंधन उपाय लागू करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
जलाशयों में वर्तमान जलसंचय की स्थिति
- नवेगांव खैरी:
- कुल क्षमता: 180.98 दलघमी
- 20 मई: 163.28 दलघमी (87.53%)
- 21 जून: 133.85 दलघमी (66.81%)
- पिछले वर्ष: 78.43%
- तोतलाडोह:
- कुल क्षमता: 1166.00 दलघमी
- 20 मई: 672.80 दलघमी (57.41%)
- 21 जून: 663.18 दलघमी (50.56%)
- पिछले वर्ष: 51.58%
निष्कर्षतः, मानसून की देरी ने नागपुर में जल संकट की आशंका को गंभीर बना दिया है, और यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

