खापरखेड़ा: नागपुर जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वेकोलि (WCL) क्षेत्र से 40 ब्रास रेत का अवैध भंडार जब्त किया है। इसके साथ ही भानेगांव-बिनासंगम मार्ग पर रेत परिवहन कर रहे एक टिप्पर (ट्रक) को भी कब्जे में लिया गया। प्रशासन के अनुसार, जब्त रेत की सरकारी कीमत 24,400 रुपये, जबकि बाजार मूल्य लगभग 2.80 लाख रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई बिनासंगम क्षेत्र में मिली शिकायत के आधार पर की गई, जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अवैध गतिविधियों का खुलासा किया।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
राजस्व विभाग को बिनासंगम निवासी द्वारा अवैध रेत भंडारण की सूचना दी गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि वेकोलि के खुले खदान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत जमा की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, रेत का रंग देखकर अंदाजा लगाया गया कि यह पारशिवनी तहसील के पेंच नदी के डोरली या रोहणा घाट से लाई गई है।
परिवहन मार्ग और पुलिस पर सवाल
प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह रेत टिप्पर के माध्यम से खापरखेड़ा थाना क्षेत्र और भानेगांव टी-पॉइंट से होकर लाई गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध परिवहन के बावजूद पुलिस की नजर से यह कैसे बचता रहा।
रेत भंडारण को लेकर संदेह
जानकारों के अनुसार, बिनासंगम में पहले से ही सरकारी रेत घाट और डिपो मौजूद है, ऐसे में बाहर से रेत लाकर जमा करने की जरूरत पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, जब्त रेत का असली मालिक कौन है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक, पकड़ा गया टिप्पर शिकायतकर्ता के ही रिश्तेदार का बताया जा रहा है, जिससे मामले में संदेह और गहरा गया है।
तीन अलग-अलग स्थानों पर मिला रेत का भंडार
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को वेकोलि क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर रेत का भंडारण मिला। यह संकेत देता है कि क्षेत्र में संगठित तरीके से अवैध रेत कारोबार चल रहा था।
वेकोलि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस इलाके में पहले भी कई बार अवैध रेत भंडारण के मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके, वेकोलि प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कन्हान नदी घाट से बिना रॉयल्टी रेत निकालकर यहां जमा की जाती है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है।
ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक संकट गहराया
बिनासंगम गांव, जो कि वेकोलि परियोजना से प्रभावित क्षेत्र है, वहां के कई लोगों ने कर्ज लेकर टिप्पर और ट्रक खरीदे थे।
- पहले गांव में करीब 110 वाहन सक्रिय थे
- अब घटकर केवल 60 वाहन रह गए हैं
तकनीकी और आर्थिक कारणों से आय में कमी और कर्ज का दबाव बढ़ने से कई लोगों के वाहन बैंकों द्वारा जब्त किए जा चुके हैं।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
यह कार्रवाई तहसीलदार गणेश जगदाले, नायब तहसीलदार अमर हंडा, प्रणीत गंगावणे और महसूल सहायक मयूर नानोटे की टीम द्वारा की गई। हालांकि, किस पर कितना जुर्माना लगाया जाएगा, इस पर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
यह कार्रवाई नागपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठता है कि ऐसी गतिविधियां लंबे समय तक बिना रोक-टोक कैसे चलती रहीं।

