नागपुर में DJ पर सियासी घमासान: भाजपा ने मांगी राहत, शिंदेसेना ने भी प्रतिबंधों पर पुनर्विचार की मांग की

नागपुर: नागपुर शहर में डीजे और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने स्पष्ट किया है कि बेस साउंड पर प्रतिबंध कायम रहेगा, जबकि टॉप और मिडल साउंड सिस्टम को निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर इस्तेमाल करने की अनुमति है। उन्होंने साफ किया कि डीजे पर सरसकट छूट या प्रतिबंध हटाने जैसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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भाजपा नेताओं ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

डीजे पर प्रतिबंध लागू होने के बाद भाजपा नेताओं ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील से मुलाकात कर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। आ. प्रवीण दटके, आ. कृष्णा खोपड़े और भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी सहित अन्य नेताओं ने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाने की मांग रखी।

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बेस साउंड और अत्यधिक कंपन पैदा करने वाले साउंड सिस्टम पर रोक जारी रहेगी। वहीं, टॉप और मिडल साउंड का इस्तेमाल निर्धारित ध्वनि प्रदूषण मानकों के तहत किया जा सकता है।

बडकस चौक में डीजे को लेकर हुआ विवाद

महाल के बडकस चौक में दहीहंडी कार्यक्रम के दौरान डीजे बजाने को लेकर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी। पुलिस उपायुक्त राहुल मदने पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और डॉल्बी मीटर से ध्वनि स्तर की जांच की।

पुलिस ने आयोजकों को निर्धारित सीमा से अधिक आवाज होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद आयोजकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। अंततः बेस साउंड का इस्तेमाल किए बिना निर्धारित ध्वनि सीमा में डीजे बजाकर दहीहंडी उत्सव मनाया गया।

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शिंदेसेना ने भी मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

डीजे प्रतिबंध के मुद्दे पर अब शिंदेसेना भी सक्रिय हो गई है। शिवसेना के उपनेता आ. कृपाल तुमाने ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नागपुर में 1 नवंबर 2026 तक लागू डीजे प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

तुमाने ने कहा कि आगामी हिंदू त्योहारों और उत्सवों को देखते हुए नियमों के अनुसार आवश्यक छूट अथवा विशेष अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था, नागरिकों की सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण रोकने के प्रशासन के प्रयासों का समर्थन करते हुए निर्णय पर संवेदनशीलता से पुनर्विचार का आग्रह किया।

संदीप जोशी ने स्थायी प्रतिबंध की मांग दोहराई

दूसरी ओर, भाजपा के पूर्व विधायक संदीप जोशी ने डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध को केवल दो महीने तक सीमित रखने के बजाय स्थायी रूप से लागू करने की मांग की है।

जोशी के नेतृत्व में नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मनपा आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर और पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील से मुलाकात की। उन्होंने ‘डीजे स्थायी रूप से बंदी के लिए जनआंदोलन’ शुरू करने की बात कही।

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बीम और लेजर लाइट पर भी प्रतिबंध की मांग

पूर्व विधायक संदीप जोशी ने डीजे की तेज आवाज के साथ-साथ डीजे वाहनों पर इस्तेमाल होने वाली बीम और लेजर लाइट पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि तेज आवाज और रोशनी से नागरिकों को परेशानी होने के साथ सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

पुलिस का रुख स्पष्ट: बेस साउंड पर रोक जारी

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार की बैठक के बाद डीजे प्रतिबंध में कोई बड़ी ढील नहीं दी गई है। केवल टॉप और मिडल साउंड के इस्तेमाल को लेकर नियमों की स्थिति स्पष्ट की गई है। इसलिए इसे ‘डीजे पर लगी पाबंदी हटना’ या ‘प्रतिबंधों में बड़ी शिथिलता’ कहना सही नहीं होगा।

पुलिस का मुख्य उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करना और नागरिकों को अत्यधिक शोर से राहत देना है।

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