नागपुर: थर्ड रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों के बीच जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सकारात्मक पहल की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहले गांववार जमीन के बाजार दर निर्धारित कर सार्वजनिक किए जाएंगे और इसके बाद ही भूसंपादन के लिए जमीन की मापी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
किसानों के विरोध के बीच प्रशासन का आश्वासन
पारशिवनी और सावनेर तहसील के विभिन्न गांवों में थर्ड रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। किसानों की प्रमुख मांग जमीन का उचित और पारदर्शी मुआवजा दर तय करने की है।
पहले दर तय होंगे, फिर होगी मापी
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने किसानों को आश्वासन दिया कि पारशिवनी और सावनेर तहसील के गांवों के अनुसार जमीन के दर पहले तय किए जाएंगे। इन दरों की घोषणा के बाद ही भूसंपादन के लिए जमीन की मापी की जाएगी।
प्रशासन के इस आश्वासन से किसानों को अपनी जमीन के उचित मूल्य को लेकर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

