नागपुर: शहर के धंतोली इलाके से अचानक लापता हुए परसवानी परिवार के पांचों सदस्यों को पुलिस ने सुरक्षित खोज निकाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निजी सावकारों के दबाव और बढ़ते कर्ज के कारण यह परिवार नागपुर छोड़कर चला गया था।
लापता होने के बाद मचा हड़कंप
धंतोली क्षेत्र के जितेंद्र परसवानी, उनकी मां हर्षा परसवानी, पत्नी ईशिता परसवानी, बेटी खुशी और बेटे कृष्ण 24 जून 2026 को अचानक अपने घर से गायब हो गए थे। उनके मोबाइल फोन भी बंद थे, जिससे पुलिस के लिए उनका पता लगाना मुश्किल हो गया था।
Google Pay ट्रांजैक्शन से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के डिजिटल ट्रांजैक्शन खंगाले, जिसमें Google Pay पर किए गए एक भुगतान से लोकेशन पिंपरी-चिंचवड़ (पुणे) में ट्रेस हुई। इस अहम सुराग के आधार पर पुलिस टीम तुरंत वहां रवाना हुई।
पिंपरी-चिंचवड़ में सुरक्षित मिला परिवार
धंतोली पुलिस की टीम ने पिंपरी-चिंचवड़ पहुंचकर पूरे परिवार को सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस ने सभी सदस्यों के बयान दर्ज किए, जिसमें उन्होंने बताया कि वे कर्ज के बोझ और सावकारों की प्रताड़ना से परेशान होकर नागपुर छोड़कर गए थे।
कर्ज चुकाने के लिए संपत्ति बेचने की कोशिश
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि जितेंद्र परसवानी ने कर्ज चुकाने के लिए वडिलोपार्जित संपत्ति (पैतृक संपत्ति) में अपना हिस्सा बेचने का प्रयास किया था। हालांकि कानूनी अड़चनें और पारिवारिक विवाद के चलते वह ऐसा नहीं कर सके।
पुलिस टीम जल्द नागपुर लाएगी परिवार
धंतोली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक साईनाथ रामोड के अनुसार, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस टीम परसवानी परिवार को नागपुर वापस लाने की तैयारी कर रही है।
निजी सावकारों का बढ़ता दबाव बना चिंता का विषय
इस घटना ने एक बार फिर निजी सावकारों की मनमानी और दबाव की समस्या को उजागर किया है। कर्ज के जाल में फंसकर लोग किस हद तक कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं, यह मामला उसका ताजा उदाहरण है।

