नागपुर/मुंबई: ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले कथित साइबर गिरोह का मुंबई साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने नागपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में इस गिरोह के तार देशभर में दर्ज 73 साइबर अपराध के मामलों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इनमें मुंबई के छह मामले भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति को शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया और उससे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 58 लाख 72 हजार 410 रुपये जमा करवाए। मामले की जांच के दौरान नागपुर के जरीपटका क्षेत्र तक पैसों का लेन-देन पहुंचने का खुलासा हुआ।
महिला ने मुनाफे का लालच देकर फंसाया, ₹58.72 लाख की ठगी
पुलिस के मुताबिक, यह धोखाधड़ी 10 जून से 8 सितंबर के बीच हुई। पीड़ित को मीरा अय्यर नामक महिला और उसके साथियों ने शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था। उसे निवेश पर भारी मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया।
इसके बाद पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर 9 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पैसों का सुराग नागपुर के जरीपटका तक पहुंचा
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 24.75 लाख रुपये नागपुर के जरीपटका क्षेत्र स्थित एक करंट बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
यह बैंक खाता Grain Garden Delights Private Limited नामक कंपनी के नाम पर खोला गया था। पुलिस को संदेह है कि इस कंपनी का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए एक फर्जी कंपनी के रूप में किया जा रहा था।
मुंबई साइबर पुलिस ने नागपुर से तीन आरोपियों को पकड़ा
पैसों के लेन-देन की कड़ियां जोड़ते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच के दक्षिण साइबर पुलिस थाने की टीम नागपुर पहुंची। पुलिस ने 2 नवंबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- अमित दिलीपराव काले (34 वर्ष)
- ऋतिक शैलेश धारगवे (25 वर्ष)
- अनिरुद्ध सतीश उके (30 वर्ष)
पुलिस ने अमित दिलीपराव काले को इस कथित साइबर ठगी गिरोह का मुख्य सूत्रधार बताया है।
फर्जी कंपनी और किरायानामा बनाकर खोला बैंक खाता
पुलिस जांच में सामने आया कि अमित काले और अनिरुद्ध उके ने कथित तौर पर ऋतिक धारगवे के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर Grain Garden Delights Private Limited नामक कंपनी स्थापित करने की साजिश रची थी।
इसके लिए कथित रूप से फर्जी किरायानामे का इस्तेमाल किया गया और कंपनी के नाम पर बैंक खाता खोला गया। पुलिस को संदेह है कि इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा करने और आगे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया जाता था।
जांच के अनुसार, अमित काले ने ऑनलाइन लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों से संपर्क बनाए रखने के लिए ऋतिक धारगवे के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल किया था।
25 सिम कार्ड और 11 फर्जी कंपनियों की मुहरें जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का बड़ा जखीरा जब्त किया है। इसमें शामिल हैं:
- 11 बैंक खातों से संबंधित चेकबुक और पासबुक।
- अलग-अलग मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के 25 सिम कार्ड।
- डेबिट और एटीएम कार्ड।
- 11 कथित फर्जी कंपनियों की रबर मुहरें।
- क्यूआर कोड और स्टांप पैड।
- फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और पैन कार्ड।
पुलिस को आशंका है कि इन दस्तावेजों और बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर किया जाता था।
देशभर के 73 साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़े तार
जांच में आरोपियों का संबंध देशभर में दर्ज 73 साइबर अपराध के मामलों से सामने आया है। इनमें मुंबई में दर्ज छह मामले भी शामिल हैं।
फिलहाल मुंबई साइबर पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस अन्य संदिग्ध सहयोगियों की भूमिका, फर्जी कंपनियों के इस्तेमाल और अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से रकम के लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
इस कार्रवाई से ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रहे कथित साइबर ठगी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आए तथ्यों से पता चलता है कि किस तरह फर्जी कंपनियों, बैंक खातों और कई सिम कार्डों का इस्तेमाल कर निवेशकों की मेहनत की कमाई को ठगी के जरिए हासिल किया जा रहा था।

