महाराष्ट्र: राज्य के बिजली विभाग में कार्यरत करीब 86 हजार कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत मंडल की सूत्रधारी कंपनी के अंतर्गत आने वाली महावितरण, महानिर्मिती और महापारेषण कंपनियों के कर्मचारियों को दिवाली बोनस एवं सानुग्रह अनुदान देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री एवं ऊर्जामंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विचार-विमर्श के बाद कर्मचारियों के लिए 20,000 रुपये तक का बोनस मंजूर किया गया है।
कर्मचारियों को 20 हजार, अन्य कर्मचारियों को 14 हजार रुपये
महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष कॉमरेड मोहन शर्मा और सरचिटणीस कॉमरेड कृष्णा भोयर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बिजली कंपनियों के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग बोनस राशि निर्धारित की गई है।
- कर्मचारी, अभियंता और अधिकारी: 20,000 रुपये।
- विद्युत उपकेंद्र कर्मचारी, कनिष्ठ सहायक एवं अन्य कर्मचारी: 14,000 रुपये।
इस फैसले से तीनों बिजली कंपनियों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत मिलेगी।
बिजली कर्मचारी संगठनों ने की थी 25 हजार रुपये बोनस की मांग
महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन की ओर से मुख्यमंत्री एवं ऊर्जामंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखित पत्र देकर 86 हजार बिजली कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले 25,000 रुपये बोनस देने की मांग की गई थी।
इसके अलावा महाराष्ट्र राज्य विद्युत कर्मचारी, अभियंता एवं अधिकारी कृती समिति की 18 संगठनों ने भी संयुक्त रूप से बोनस की मांग को लेकर सरकार को पत्र सौंपा था।
तीनों बिजली कंपनियों को हुआ करोड़ों रुपये का मुनाफा
वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीनों बिजली कंपनियों के मुनाफे का हवाला देते हुए कर्मचारी संगठनों ने बोनस की मांग रखी थी।
- महावितरण: 1,234.16 करोड़ रुपये का मुनाफा।
- महानिर्मिती: 451.98 करोड़ रुपये का मुनाफा।
- महापारेषण: 2,438 करोड़ रुपये का मुनाफा।
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, कंपनियों की आर्थिक प्रगति में कर्मचारियों, अभियंताओं, अधिकारियों और कंत्राटी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कर्मचारियों की मेहनत और उपलब्धियों को देखते हुए फैसला
बिजली कंपनियों ने राजस्व वृद्धि, उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके अलावा सुरक्षा प्रशिक्षण और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए भी उपाय किए गए हैं।
महाराष्ट्र में किसानों के लिए सोलर कृषि पंप योजना के माध्यम से बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। इन कार्यों में तीनों बिजली कंपनियों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई है।
प्रबंधन से लेकर सरकार तक पहुंचा था बोनस का प्रस्ताव
बोनस की मांग के बाद तीनों बिजली कंपनियों के प्रबंधन की ओर से दिवाली से पहले अनुदान देने का प्रस्ताव संबंधित अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद प्रस्ताव को अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) की मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा गया।
अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) ने मुख्यमंत्री एवं ऊर्जामंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विचार-विमर्श करने के बाद बोनस राशि को मंजूरी दी।
इसकी जानकारी महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष कॉमरेड मोहन शर्मा और सरचिटणीस कॉमरेड कृष्णा भोयर ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।

