नागपुर: शहर में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, पीछा करने और अन्य अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए नागपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। महिलाओं को दिन हो या रात, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ त्वरित कार्रवाई पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
नागपुर टुडे को दिए गए विशेष साक्षात्कार में डीसीपी रश्मिता राव ने महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की रणनीति, दुर्गा मार्शल्स की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
महिलाओं की शिकायतों पर 6 से 13 घंटे में चार्जशीट
डीसीपी रश्मिता राव ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच जल्द पूरी करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि कुछ मामलों में पुलिस ने अपराध की जांच पूरी कर महज 6 से 13 घंटे के भीतर चार्जशीट दाखिल की है। इसका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को लंबी कानूनी प्रक्रिया के इंतजार से राहत दिलाना और आरोपियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
दुर्गा मार्शल्स की 14 महिला पुलिसकर्मी रख रहीं मनचलों पर नजर
महिलाओं की सुरक्षा के लिए वर्ष 2025 में शुरू की गई दुर्गा मार्शल्स पहल के तहत 14 महिला पुलिसकर्मियों की विशेष टीम शहर के अलग-अलग हिस्सों में गश्त कर रही है।
इस टीम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों, पीछा करने वालों और आपत्तिजनक व्यवहार करने वाले व्यक्तियों पर नजर रखना है।
दुर्गा मार्शल्स की मौजूदगी से ऐसे लोगों पर नियंत्रण रखने के साथ ही महिलाओं को जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डायल 112 पर कॉल करने के 5 से 6 मिनट में पहुंचती है पुलिस
महिलाओं की आपातकालीन सुरक्षा के लिए पुलिस के डायल 112 तंत्र को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
डीसीपी रश्मिता राव के अनुसार, आपातकालीन कॉल मिलने के बाद पुलिस सामान्यतः लगभग 5 से 6 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचने का प्रयास करती है।
यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें यात्रा के दौरान या देर रात घर लौटते समय किसी तरह की परेशानी अथवा खतरे का सामना करना पड़ता है।
शहर में बनाई जाएंगी 12 महिला निर्भया स्क्वॉड
महिला सुरक्षा अभियान को और मजबूत करने के लिए नागपुर पुलिस अब 12 महिला निर्भया स्क्वॉड गठित करने की योजना बना रही है। यह पहल पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील के नेतृत्व में आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रस्तावित निर्भया स्क्वॉड की प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी:
- शहर के संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त करना।
- महिलाओं की आवाजाही वाले सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी रखना।
- छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय कार्रवाई करना।
- देर रात काम या पढ़ाई से घर लौटने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देना।
- किसी घटना के बाद त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करना।
इन टीमों का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी के जरिए ऐसी घटनाओं को पहले ही रोकना है।
महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनने पर जोर
डीसीपी रश्मिता राव ने महिला सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराने आने वाली महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां पीड़ित महिलाएं बिना किसी डर, झिझक या सामाजिक दबाव के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
साक्षात्कार के दौरान महिलाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा की भावना और समाज में मौजूद पुरुष प्रधान मानसिकता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, अपराध रोकना भी पुलिस का लक्ष्य
नागपुर पुलिस की योजना अब महिला सुरक्षा के लिए गश्त, आपातकालीन सहायता और जागरूकता को एक साथ मजबूत करने की है। फिलहाल दुर्गा मार्शल्स की 14 महिला पुलिसकर्मियों की टीम सक्रिय है, जबकि 12 महिला निर्भया स्क्वॉड गठित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं केवल पुलिस की मौजूदगी में ही नहीं, बल्कि शहर की हर सड़क, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थान पर खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

