अप्रैल 2026 में रेलवे के स्क्रैप सेल अभियान से बड़ी कमाई
मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले नागपुर मंडल ने अप्रैल 2026 में कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री की बिक्री से करीब 1.64 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। रेलवे प्रशासन ने इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग और आर्थिक प्रबंधन की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है।
अनुपयोगी सामग्री को बनाया आय का स्रोत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार मंडल में लंबे समय से जमा पुराने और बेकार पड़े सामान को चिन्हित कर उनकी नीलामी की गई। इसमें पुराने लोहे के सामान, स्क्रैप मटेरियल और अनुपयोगी रेलवे उपकरण शामिल थे।
रेलवे को मिला आर्थिक फायदा
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस अभियान से न केवल अतिरिक्त आय हुई बल्कि रेलवे परिसरों में जगह भी खाली हुई, जिससे संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी।
सफाई और संसाधन प्रबंधन पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि स्क्रैप निपटान अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा रखना और अनुपयोगी सामग्री का समय पर निष्पादन करना है।
रेलवे अधिकारियों ने जताई संतुष्टि
नागपुर मंडल के अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि रेलवे की आय बढ़ाने के साथ-साथ कार्यक्षमता में सुधार किया जा सके।
पारदर्शी प्रक्रिया से हुई नीलामी
रेलवे प्रशासन के मुताबिक स्क्रैप की बिक्री पूरी तरह पारदर्शी ई-ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए की गई, जिससे बेहतर कीमत प्राप्त हुई।
रेलवे के आधुनिकीकरण को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता है, जिसे नई सुविधाओं और आधुनिकीकरण परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी रेलवे प्रशासन और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।

