नागपुर: राज्य में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब गुटखा माफियाओं के खिलाफ सीधे मकोका (MCOCA) कानून लागू किया जाएगा, जिससे ऐसे अपराधियों के लिए जमानत पाना बेहद कठिन हो जाएगा।
प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक्री जारी
प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद पान ठेलों और दुकानों पर प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं। नागपुर शहर सहित आसपास के इलाकों में छुपे तरीके से इन उत्पादों की बिक्री लगातार जारी है, जिससे कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
मकोका कानून की सख्त धाराएं
मकोका के तहत कार्रवाई होने पर आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती। इस कानून में
- अवैध संपत्ति और कमाई को जब्त करने का प्रावधान है
- आरोपी द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सामने दी गई कबूलियत अदालत में सबूत मानी जाती है
- सजा 5 साल से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है
- 5 लाख रुपये से अधिक जुर्माना लगाया जा सकता है
- यदि अपराध में किसी की मौत होती है, तो फांसी की सजा का भी प्रावधान है
- पिछले 10 वर्षों में एक से अधिक मामले दर्ज होने पर जमानत के सभी रास्ते लगभग बंद हो जाते हैं
दो महीनों में लाखों का तंबाकू जब्त
एफडीए और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मई और जून महीने में कुल 23.5 लाख रुपये का प्रतिबंधित तंबाकू जब्त किया गया।
- पांचपावली क्षेत्र से 6 लाख रुपये का 419.766 किलो माल
- हुडकेश्वर से 76 हजार रुपये का 94 किलो तंबाकू
- यशोधरानगर से 4 किलो (5 हजार रुपये)
- जरीपटका से 45 हजार रुपये का माल और मशीनें
- साकोली, वर्धा और हिंगणघाट से भी लाखों का गुटखा बरामद
कैसे काम करता है गुटखा नेटवर्क
शहर में गुटखा सप्लाई का नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता है
- मध्य प्रदेश और गुजरात के गोदामों से माल सप्लाई होता है
- बड़े वाहनों से माल शहर के बाहरी इलाकों के गुप्त गोदामों में पहुंचाया जाता है
- वहां से रात या सुबह छोटे वाहनों और दूध-भाजी गाड़ियों के जरिए सप्लाई होती है
- डीलर सीधे बिक्री नहीं करते, बल्कि कोडवर्ड और भरोसेमंद एजेंट्स के जरिए लेनदेन होता है
- केवल पहचाने हुए ग्राहकों को ऊंचे दाम पर माल दिया जाता है
शिकायत कैसे करें
नागरिक इस अवैध कारोबार की जानकारी देने के लिए
- एफडीए के टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर कॉल कर सकते हैं
- नजदीकी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कर सकते हैं
- 112 आपातकालीन नंबर पर भी सूचना दी जा सकती है
शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
प्रशासन का सख्त रुख जारी रहेगा
अन्न एवं औषध प्रशासन के अनुसार, जनवरी से प्रतिबंधित तंबाकू के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया जा रहा है। नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर लाखों का माल जब्त किया गया है, और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह सख्त कदम स्पष्ट संकेत देता है कि अब गुटखा माफिया पर नकेल कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।

