नागपुर ग्रामीण: काटोल शहर में गांजा तस्करी, जबरन वसूली, मारपीट और जुआ जैसे गंभीर अपराधों में शामिल एक आदतन अपराधी के खिलाफ नागपुर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन के आदेश पर आरोपी को महाराष्ट्र खतरनाक गतिविधियां प्रतिबंधक अधिनियम (MPDA), 1981 के तहत एक साल के लिए जेल में नजरबंद किया गया है। उसे मुंबई की आर्थर रोड सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान सबदर उर्फ शब्दर अशरफ उर्फ अकरम अली (33), निवासी चौबे लेआउट, काटोल के रूप में हुई है।
गांजा बिक्री से लेकर वसूली और मारपीट तक के मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सबदर उर्फ अकरम अली के खिलाफ काटोल पुलिस थाने में कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। इनमें साथियों के साथ मिलकर जबरन वसूली करना, नागरिकों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल करना, अश्लील गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देना शामिल है।
इसके अलावा आरोपी पर गांजा बेचने, जुआ खेलने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोपों से जुड़े मामले भी दर्ज हैं।
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद नहीं बदला व्यवहार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की आपराधिक गतिविधियों के कारण इलाके के नागरिकों में भय का माहौल बनने लगा था। उसके खिलाफ पहले भी कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसके व्यवहार में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने जारी किया आदेश
काटोल के थानेदार रणजीत शिरसाठ ने आरोपी के खिलाफ MPDA के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव को पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के माध्यम से जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के पास भेजा गया।
जिलाधिकारी ने आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने और नए आपराधिक मामलों, गवाहों के गोपनीय बयान, जमानत आदेशों एवं उनकी शर्तों और आपराधिक पृष्ठभूमि की समीक्षा की।
एक साल के लिए आर्थर रोड जेल में नजरबंद
सभी तथ्यों की जांच के बाद जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने 3 नवंबर को MPDA की धारा 3 के तहत एक साल के लिए नजरबंदी का आदेश जारी किया।
इसके बाद 4 नवंबर को काटोल पुलिस ने सबदर उर्फ अकरम अली को हिरासत में लेकर मुंबई की आर्थर रोड सेंट्रल जेल में भेज दिया।
आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की पहल
नागपुर ग्रामीण पुलिस की इस कार्रवाई को काटोल क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल आदतन अपराधियों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

