नागपुर: शहर के यशोधरानगर थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि छह लोगों के गिरोह ने फर्जी बिक्री पत्र (Sale Deed) और फर्जी 7/12 उतारा (सातबारा) तैयार कर एक व्यक्ति से लाखों रुपये वसूल लिए, लेकिन न तो प्लॉट का कब्जा दिया और न ही वैध दस्तावेज। शिकायत के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
45 लाख रुपये लेकर भी नहीं दिया प्लॉट
शिकायतकर्ता निजामुद्दीन महमूद अहमद (52), निवासी मोमिनपुरा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 1 नवंबर 2020 को मौजा वांजरा स्थित गट नंबर 17, खसरा नंबर 55/2 के ले-आउट में 5,000 वर्गफुट का प्लॉट खरीदने का सौदा किया था।
आरोपियों ने 1 नवंबर 2020 से 31 दिसंबर 2023 के बीच प्लॉट के बदले उनसे 45 लाख रुपये ले लिए, लेकिन प्लॉट का कब्जा या वैध दस्तावेज कभी नहीं दिए।
जांच में खुला फर्जीवाड़ा
जब आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे, तो शिकायतकर्ता ने संबंधित कार्यालय में जमीन की जांच कराई। जांच में पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह आरोपियों के स्वामित्व में ही नहीं थी। इसके बाद पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
यशोधरानगर पुलिस ने दर्ज किया मामला
लगातार प्रयासों और शिकायत के बाद यशोधरानगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
इस मामले में पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है:
- नित्यानंद प्रेमानंद रामटेके
- चेतानंद प्रेमानंद रामटेके
- अंशू पुरुषोत्तम बजाज
- राजेश हंसराज पंजवानी
- शब्बीर अहमद नूर अहमद
- मोहम्मद यूनूस मोहम्मद इदरीस अंसारी
फर्जी दस्तावेजों के जरिए विश्वास जीतने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी बिक्री पत्र, सातबारा उतारा और अन्य दस्तावेज दिखाकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता और रकम हासिल की। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह अन्य लोगों को भी जमीन अपनी बताकर धोखाधड़ी की गई हो सकती है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना), 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग करना) और 34 (साझा आपराधिक मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

