नागपुर: राज्य सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना-2016 की शर्तों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए किसानों को बड़ी राहत दी है। नई संशोधित पात्रता के अनुसार अब नागपुर जिले के करीब 18 हजार किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही 50 हजार रुपये की सीमा के बजाय 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का रास्ता भी साफ हो गया है।
कर्जमाफी की शर्तों में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार द्वारा योजना के नियमों में संशोधन किए जाने के बाद नागपुर जिले में पात्र किसानों की संख्या और सहायता राशि दोनों में वृद्धि होगी। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को कर्जमुक्ति योजना का लाभ उपलब्ध कराना है।
समय पर नया फसल ऋण चुकाने की शर्त खत्म
पहले प्रोत्साहन अनुदान प्राप्त करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में नया फसल ऋण लेकर उसे समय पर चुकाना अनिवार्य था। सरकार ने अब यह शर्त पूरी तरह समाप्त कर दी है।
अब केवल वे किसान पात्र होंगे जिन्होंने पिछले किसी भी दो वर्षों में अथवा वर्ष 2025-26 के दौरान अपने फसल ऋण की नियमित अदायगी की है। ऐसे किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान मिलेगा।
पहले क्या थी 50 हजार रुपये की सीमा?
पूर्व नियमों के अनुसार केवल वही किसान प्रोत्साहन राशि के पात्र थे जिन्होंने अपने फसल ऋण की समय पर और नियमित रूप से पूरी अदायगी की थी। ऐसे किसानों को अधिकतम 50 हजार रुपये या उनके ऋण की राशि, जो भी कम हो, उतना अनुदान दिया जाता था।
नागपुर जिले के लगभग 18 हजार नियमित ऋण चुकाने वाले किसानों को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
2019 के लाभार्थियों को भी मिलेगा 2 लाख रुपये तक का लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमुक्ति योजना के लाभार्थियों को भी अब संशोधित नियमों के तहत 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ मिल सकेगा। पहले 50 हजार रुपये की सीमा होने के कारण कई किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पाया था।
योजना की प्रमुख पात्रता
- 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया 2 लाख रुपये तक का बकाया फसल ऋण माफ किया जाएगा।
- वर्ष 2019 की कर्जमाफी योजना के लाभार्थियों को भी अब संशोधित नियमों के अनुसार 2 लाख रुपये तक की राहत मिलेगी।
- पहले लागू 50 हजार रुपये की सीमा समाप्त कर दी गई है।
एग्रीस्टैक पंजीकरण और आधार ई-केवाईसी अनिवार्य
योजना का लाभ सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने के लिए किसानों के लिए एग्रीस्टैक (AgriStack) पंजीकरण तथा आधार ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है।
किसानों ने जताई खुशी
केवलराम गावंडे, किसान ने कहा कि कर्जमुक्ति योजना से जिले के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और सरकार की यह पहल सराहनीय है।
वहीं श्रीराम कुळमाटे ने कहा कि नई व्यवस्था से किसानों में खुशी का माहौल है तथा उन्हें नया फसल ऋण मिलने में भी सुविधा होगी।
राज्यभर के लाखों किसानों को मिलेगा फायदा
संशोधित नियमों के बाद राज्य के लगभग 56 लाख किसानों को 36,585 करोड़ रुपये तक के लाभ का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें खेती के लिए नई वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।

