नागपुर: शहर में अवैध सावकारी (सूदखोरी) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक से 3 लाख रुपये के बदले एक साल में 15 लाख रुपये वसूले गए। इतना ही नहीं, अतिरिक्त रकम के लिए आरोपी ने पीड़ित और उसके परिवार को लगातार धमकियां देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। मामले में सक्करदरा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्लॉट डील से शुरू हुआ पूरा मामला
पीड़ित युवक मोहित मिलिंद पारधी (24 वर्ष), जो पार्सल डिलीवरी का काम करता है, की पहचान आरोपी कमलेश गणपतराव हनोते से एक प्लॉट खरीद सौदे के दौरान हुई थी।
- पारधी ने 48 लाख रुपये के प्लॉट के लिए 30 लाख रुपये पहले ही दे दिए थे
- लेकिन आरोपी ने पूरी रकम मिलने तक रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया
आर्थिक जरूरत का फायदा उठाकर फंसाया जाल में
मई 2025 में आर्थिक संकट आने पर जब पारधी ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
इसके बजाय उसने पारधी को ब्याज पर पैसे दिलाने का लालच दिया और उसकी मुलाकात अनिता पुरनलाल भारद्वाज से कराई।
- अनिता ने 10% मासिक ब्याज दर पर 1 लाख रुपये का कर्ज दिया
- बाद में जुलाई 2025 में पारधी ने मजबूरी में 3 लाख रुपये का कर्ज और लिया
3 लाख के बदले 15 लाख की वसूली
तीन महीने तक कर्ज न चुका पाने पर दोनों आरोपियों ने
- गाली-गलौज और धमकियां देना शुरू किया
- कहा कि पैसा नहीं लौटाया तो मूल रकम और ब्याज दोगुना कर दिया जाएगा
डर और दबाव में आकर पारधी ने एक साल में 3 लाख के बदले 15 लाख रुपये चुका दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने और पैसे की मांग जारी रखी।
परिवार को भी दी गई धमकियां
आरोपियों ने केवल पीड़ित ही नहीं बल्कि उसके परिवार को भी निशाना बनाया।
- घर पर अज्ञात गुंडों को भेजकर डराया-धमकाया गया
- झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई
लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर अंततः पारधी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, एक आरोपी गिरफ्तार
सक्करदरा पुलिस ने मामले में
- कमलेश हनोते और अनिता भारद्वाज के खिलाफ केस दर्ज किया है
- उन पर खंडणी वसूली, धमकी और महाराष्ट्र सावकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है
- कमलेश हनोते को गिरफ्तार कर लिया गया है
अवैध सावकारी के बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि
- क्या अनिता भारद्वाज के पास वैध लाइसेंस है या नहीं
- कमलेश ने कितने अन्य लोगों को इस जाल में फंसाया
- और इस गिरोह ने कितने लोगों से इसी तरह अवैध वसूली की
पुलिस का मानना है कि यह मामला एक बड़े अवैध सूदखोरी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।

