नागपुर: धार्मिक आस्था का दुरुपयोग करते हुए ठगी करने वाले एक गिरोह का बेलतरोडी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने जामसावली के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के नाम पर फर्जी रसीदें छापकर श्रद्धालुओं से देणगी और चंदा वसूला। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़े फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है।
मंदिर ट्रस्ट के नाम पर की जा रही थी ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को मंदिर ट्रस्ट का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों से पैसे मांगते थे।
- महाप्रसाद और धार्मिक कार्यक्रमों के नाम पर वसूली की जा रही थी
- फर्जी रसीद बुक दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था
- इस तरीके से कई नागरिकों को ठगा गया
संदेह होने पर नागरिक ने दी पुलिस को सूचना
घटना का खुलासा तब हुआ जब आरोपी साफल्य अपार्टमेंट, बेलतरोडी निवासी सिविल ठेकेदार राजेंद्र संगम के घर पहुंचे।
- उन्होंने खुद को मंदिर का प्रतिनिधि बताकर देणगी मांगी
- बातचीत के दौरान उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं
- इसके बाद संगम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मौके पर गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर
- तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया
- उनके पास से फर्जी रसीद बुक जब्त की
- जांच के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ
मंदिर ट्रस्ट ने किया साफ इनकार
पुलिस ने जब जामसावली मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि
- आरोपियों को कोई अधिकृत अनुमति नहीं दी गई थी
- देणगी या चंदा वसूली का कोई अधिकार नहीं था
लाखों की ठगी का शक, लंबे समय से सक्रिय गिरोह
प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी
- लंबे समय से इस तरह की ठगी कर रहे थे
- धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर लाखों रुपये की अवैध वसूली की गई
- शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई लोग इनके शिकार हो सकते हैं
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं:
- कृष्णा सेनाजी वाल्के (35, मोहपा)
- राजा गंगाधर काले (22, बाबुलखेड़ा)
- विशाल केशव वाल्के (19, ताराबोडी, काटोल रोड)
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच जारी
बेलतरोडी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ
- भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 318(4), 319(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है
- पूरे नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है
पुलिस की नागरिकों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि
- किसी भी मंदिर, ट्रस्ट या धार्मिक संस्था के नाम पर पैसा देने से पहले
- संबंधित व्यक्ति की पहचान और अधिकृत दस्तावेज अवश्य जांचें
- धार्मिक आस्था के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहें

