नागपुर: शहर के धंतोली क्षेत्र से लापता हुए परसवानी परिवार के पांच सदस्यों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। घटना के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अब पुलिस की जांच का फोकस उस रहस्यमयी टैक्सी ड्राइवर पर है, जो परिवार को घर से बाहर लेकर गया था।
लापता परिवार का पूरा मामला
धंतोली के बलराज मार्ग स्थित दुर्गा सदन में रहने वाले परसवानी परिवार के पांच सदस्य 24 जून से लापता हैं। लापता लोगों में
- हर्षा परसवानी (57 वर्ष)
- जितेंद्र परसवानी (42 वर्ष)
- इशिता परसवानी (40 वर्ष)
- खुशी परसवानी (21 वर्ष)
- कृष्णा परसवानी (12 वर्ष) शामिल हैं।
परिवार के सभी सदस्य एक साथ घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
मोबाइल फोन बंद होने से बढ़ी चिंता
घटना के दिन से ही सभी लापता लोगों के मोबाइल फोन बंद हैं। प्रारंभिक जांच में एक फोन की लास्ट लोकेशन पुणे में मिली थी, लेकिन उसके बाद सभी फोन अचानक बंद हो गए। इस वजह से पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर सभी के फोन एक साथ क्यों बंद हुए।
पुणे पुलिस से लिया जा रहा सहयोग
मामले की गंभीरता को देखते हुए नागपुर पुलिस ने पुणे पुलिस से संपर्क किया है। लास्ट लोकेशन पुणे में मिलने के बाद वहां भी खोजबीन तेज कर दी गई है, हालांकि अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
टैक्सी ड्राइवर बना जांच का मुख्य सुराग
पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना वाले दिन परिवार को एक टैक्सी ड्राइवर घर से लेकर गया था। अब पुलिस उसी ड्राइवर की पहचान और तलाश में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि टैक्सी चालक के बयान से इस रहस्यमय गुमशुदगी का राज खुल सकता है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
जांच के तहत पुलिस ने घर के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज जब्त किए हैं। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परिवार
- बस स्टैंड गया था
- रेलवे स्टेशन पहुंचा था
- या एयरपोर्ट की ओर गया था
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं वे बीच रास्ते में ही किसी अन्य स्थान पर तो नहीं उतरे।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस इस मामले की जांच आधुनिक तकनीक और मैन-टू-मैन इंटेलिजेंस के जरिए कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
स्वेच्छा से गए या किसी साजिश का शिकार?
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि परिवार अपनी मर्जी से कहीं गया है या किसी साजिश के तहत उन्हें गायब किया गया है। इस अनिश्चितता ने मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने नागपुर में सनसनी फैला दी है और लोग इस सवाल का जवाब जानने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर परसवानी परिवार के साथ हुआ क्या?

