नागपुर: नागपुर ग्रामीण पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने करीब 73.82 करोड़ रुपये के कृषि ऋण घोटाले में अंतरराज्यीय गिरोह के प्रमुख सदस्यों में शामिल सचिन कारेमोरे (40) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने गरीब और अशिक्षित किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर राष्ट्रीयकृत बैंक से करोड़ों रुपये का कृषि ऋण हासिल किया।
नागपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, भंडारा जिले की मोहाड़ी तहसील के नेरी निवासी सचिन कारेमोरे महाराष्ट्र से बाहर भागने की तैयारी में था। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस निरीक्षक योगेश कमाले के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया और उसे नागपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
सरकारी मुआवजे का झांसा देकर किसानों से लिए दस्तावेज
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य किसानों से संपर्क कर उन्हें बताया करते थे कि फसल खराब होने पर सरकार की ओर से 10 हजार रुपये सालाना मुआवजा मिलेगा। इसके लिए राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खुलवाने का झांसा दिया जाता था।
आरोपी किसानों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और 7/12 उतारे जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल कर लेते थे।
अंग्रेजी में लिखे दस्तावेजों पर करवाते थे हस्ताक्षर
दस्तावेज लेने के बाद किसानों को मौदा और रामटेक स्थित बैंक शाखाओं में ले जाया जाता था। आरोप है कि किसानों से अंग्रेजी में तैयार किए गए कागजात पर हस्ताक्षर करवाकर उनके नाम पर कृषि ऋण लिया गया।
मौदा और रामटेक बैंक से करोड़ों की राशि हड़पने का आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने फर्जीवाड़े के जरिए मौदा शाखा से करीब 54 करोड़ रुपये और रामटेक शाखा से करीब 19.3 करोड़ रुपये का कृषि ऋण हासिल कर राशि का कथित तौर पर गबन किया।
मामले में आर्थिक अपराध शाखा द्वारा आगे की जांच जारी है।

