नागपुर: नागपुर जिले की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में यू-डायस पोर्टल को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। स्कूलों में विद्यार्थी प्रवेशित हैं और नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित भी हो रहे हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उनका अस्तित्व दर्ज नहीं हो पा रहा है।
यू-डायस की जानकारी से तैयार होती है सरकारी नोंद
स्कूलों में विद्यार्थियों की जानकारी यू-डायस (UDISE+) पोर्टल पर दर्ज की जाती है। इसके बाद इसी जानकारी के आधार पर सरल प्रणाली में विद्यार्थियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। आगे चलकर इसी आंकड़े के आधार पर स्कूलों की संचमान्यता निर्धारित की जाती है।
एक लाख से अधिक विद्यार्थियों का एमबीयू लंबित
नागपुर जिले में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों का एमबीयू लंबित होने के कारण उनकी सरकारी रिकॉर्ड में नोंद नहीं हो पा रही है। इससे विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या और सरकारी आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर पैदा होने की आशंका है।
शिक्षकों के पदों पर भी पड़ सकता है असर
विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर ही स्कूलों में शिक्षकों के पदों की संख्या तय की जाती है। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का रिकॉर्ड लंबित रहने से संचमान्यता के साथ-साथ शिक्षक पदों के निर्धारण पर भी असर पड़ सकता है।

