60-70 लाख रुपये के कर्ज ने तबाह किया फिरके परिवार? लापता धनंजय फिरके परिवार समेत रामटेक में सुरक्षित, दो भाइयों की आत्महत्या से जुड़े रहस्य से जल्द उठ सकता है पर्दा

नागपुर: सावनेर के रहने वाले निरंजन फिरके (40) और योगेश लक्ष्मण फिरके (37) की आत्महत्या के बाद लापता हुए उनके बड़े भाई धनंजय फिरके अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ रामटेक में सुरक्षित मिल गए हैं। पुलिस ने उनकी मौजूदगी की पुष्टि कर ली है और अब उनका बयान दर्ज किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भारी कर्ज और बैंकों द्वारा भेजे गए वसूली नोटिस इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह हो सकते हैं।

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धनंजय फिरके परिवार सहित रामटेक में सुरक्षित मिले

आत्महत्या की घटना के बाद से लापता धनंजय फिरके अपनी पत्नी और तीन छोटी बेटियों के साथ रामटेक में सुरक्षित पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है। उन्हें सावनेर लाकर पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद मामले के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठने की संभावना है।

मोबाइल बंद होने से जांच में आई कठिनाई

धनंजय और उनकी पत्नी के मोबाइल फोन मंगलवार से बंद थे, जिससे पुलिस को उनका पता लगाने में काफी परेशानी हुई। बाद में धनंजय के मोबाइल की अंतिम लोकेशन रामटेक मिलने पर पुलिस वहां पहुंची और उनकी मौजूदगी की पुष्टि की।

जांच के दौरान पुलिस ने धनंजय की पत्नी के भाई से भी संपर्क किया, लेकिन उसने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया। इसके बाद पुलिस ने उसके घर जाकर भी पूछताछ की। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा था कि धनंजय ने आखिरी बार किससे बातचीत की थी।

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60 से 70 लाख रुपये का कर्ज, कई बैंकों ने भेजे थे नोटिस

जांच में पता चला है कि धनंजय फिरके, निरंजन फिरके और योगेश फिरके ने विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों तथा सहकारी संस्थाओं से संपत्ति गिरवी रखकर और व्यक्तिगत ऋण लेकर करीब 60 से 70 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कुछ लोगों का कहना है कि यह राशि इससे भी अधिक हो सकती है।

बताया जा रहा है कि अधिकांश कर्ज धनंजय फिरके के नाम पर था। समय पर किस्तें जमा नहीं होने के कारण कई बैंकों ने उन्हें कर्ज वसूली के नोटिस जारी किए थे।

‘अब वापस नहीं लौटूंगा’ कहकर घर से निकले थे धनंजय

जानकारी के अनुसार, कर्ज चुकाने में असमर्थ होने के कारण धनंजय फिरके मंगलवार सुबह अपने परिवार के साथ घर से निकल गए थे। उन्होंने अपने एक करीबी से कहा था कि “अब वापस नहीं लौटूंगा, किसी को दिखाई नहीं दूंगा।”

सूत्रों का मानना है कि धनंजय के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद निरंजन फिरके और योगेश फिरके पूरी तरह टूट गए और उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।

हाथों में हाथ डालकर ट्रेन के सामने कूदने की आशंका

पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों भाइयों के शवों की स्थिति से यह संकेत मिले हैं कि निरंजन फिरके और योगेश फिरके ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ट्रेन के सामने छलांग लगाई थी।

उनके अंतिम संस्कार में मौजूद एक बैंक अधिकारी ने बताया कि दोनों भाइयों पर 11 लाख रुपये का बकाया कर्ज था और उन्हें बैंक की ओर से वसूली नोटिस भी भेजे गए थे।

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फॉरेक्स ट्रेडिंग से बढ़ा आर्थिक संकट?

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि योगेश फिरके पिछले तीन-चार वर्षों से फॉरेक्स ट्रेडिंग एजेंट के रूप में कार्य कर रहे थे। वह लोगों को विदेशी मुद्रा कारोबार में निवेश की सलाह देते थे। आशंका जताई जा रही है कि इस कारोबार में हुए नुकसान या वित्तीय गड़बड़ी के कारण वह भारी कर्ज में फंस गए थे।

धनंजय के बयान के बाद स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई

पुलिस अब धनंजय फिरके से पूछताछ, वित्तीय लेन-देन, कर्ज संबंधी दस्तावेजों और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दोनों भाइयों की आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकेगा।

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