नागपुर: शहर में एक बार फिर साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक शातिर ठग ने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर एक व्यवसायी से 1 लाख 13 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। इस मामले में सोनेगांव पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेना अधिकारी बनकर रचा ठगी का जाल
पीड़ित सतीश संभाजी रायपुरे (51), निवासी सोमलवाड़ा, को मोबाइल पर एक व्यक्ति का मैसेज मिला। आरोपी ने खुद को भारतीय लष्कर (सेना) का अधिकारी बताया और कहा कि उसकी ट्रांसफर होने वाली है, इसलिए वह अपना घर का सामान सस्ते दाम में बेच रहा है।
सस्ते सामान का लालच बना ठगी का कारण
आरोपी ने रेफ्रिजरेटर, टीवी, पलंग और अन्य घरेलू सामान बेहद कम कीमत में देने का ऑफर दिया। इस पर विश्वास करते हुए रायपुरे ने सामान खरीदने की इच्छा जताई।
QR कोड भेजकर करवाया ऑनलाइन पेमेंट
इसके बाद आरोपी ने एक QR कोड भेजा और उस पर पैसे ट्रांसफर करने को कहा। भरोसा करते हुए पीड़ित ने अपने और अपनी बहू के बैंक खातों से Google Pay के जरिए चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 1.13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे लेने के बाद नहीं भेजा कोई सामान
रकम प्राप्त करने के बाद आरोपी ने कोई भी सामान नहीं भेजा और उल्टा अलग-अलग बहाने बनाकर और पैसे मांगने लगा। इससे पीड़ित को शक हुआ और जांच करने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी
ठगी का पता चलने के बाद रायपुरे ने सोनेगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
नागरिकों के लिए चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय सावधानी बरतें, खासकर जब कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर सस्ते सामान का लालच दे। बिना पुष्टि के QR कोड स्कैन कर पैसे भेजना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

