डुमरी रेलवे साइडिंग पर CBI का छापा, 1400 मीट्रिक टन कोयला ‘खराब’ बताकर छिपाने का आरोप

कोयला घोटाले की आशंका से मचा हड़कंप

नागपुर के कन्हान क्षेत्र स्थित डुमरी रेलवे साइडिंग पर कथित कोयला घोटाले का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की सतर्कता टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए यहां छापा मारा।

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1400 मीट्रिक टन कोयला ‘खराब’ बताकर रखा गया

जांच के दौरान करीब 1,427 मीट्रिक टन ग्रेड-12 कोयला बरामद किया गया, जिसे कथित तौर पर खराब बताकर अलग रखा गया था। अधिकारियों को शक है कि इस कोयले को अवैध तरीके से खुले बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।

कोयला तस्करी और हेराफेरी की जांच शुरू

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि खराब कोयले के नाम पर बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही थी। आरोप है कि आधिकारिक रिकॉर्ड में कोयले को खराब दिखाकर उसे दूसरी जगह भेजा जा रहा था। इस मामले में कोयला तस्करी की आशंका भी जताई जा रही है।

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टिप्परों के जरिए बाहर भेजा गया कोयला

जांच एजेंसियों के अनुसार 21 मार्च को कोयले से भरे चार टिप्पर साइडिंग से निकले थे। इसके बाद 24 मार्च को करीब 800 मीट्रिक टन कोयला लेकर 16 और टिप्पर रवाना हुए। अब CBI इन सभी वाहनों के गंतव्य और परिवहन रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

गेट पास के जरिए वैध परिवहन दिखाने का आरोप

सूत्रों के मुताबिक खराब कोयले के नाम पर वाहनों को आधिकारिक गेट पास जारी किए जाते थे, ताकि रिकॉर्ड में परिवहन वैध दिखाई दे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसी प्रक्रिया की आड़ में दूसरे कोयले की भी अवैध ढुलाई की गई।

दस्तावेज और नमूने जब्त

CBI ने कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, रिकॉर्ड और कोयले के नमूने जब्त किए हैं। साथ ही ठेकेदारों की गतिविधियों, गेट पास सिस्टम और कोयला निपटान प्रक्रिया की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

रेलवे और WCL की भूमिका भी जांच के दायरे में

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South East Central Railway और Western Coalfields Limited से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले को बड़े कोयला घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है।

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