जयपुर में Swiggy ऑर्डर पर ‘मुस्लिम डिलीवरी बॉय न भेजें’ नोट, फिर भी पहुंचे आफताब—आगे जो हुआ उसने बदली सोच

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक अनोखा और चर्चा में आया मामला सामने आया है, जहां एक ग्राहक ने फूड डिलीवरी ऐप पर “मुस्लिम डिलीवरी बॉय न भेजें” जैसा विवादित नोट लिख दिया। हालांकि इसके बावजूद डिलीवरी करने पहुंचे युवक आफताब खान ने जिस तरह स्थिति संभाली, उसने पूरे मामले को एक सकारात्मक मोड़ दे दिया।

ग्राहक ने ऑर्डर में लिखा विवादित नोट

  • जयपुर के एक व्यक्ति ने Swiggy पर खाना ऑर्डर करते समय विशेष निर्देश में लिखा कि “मुस्लिम डिलीवरी बॉय न भेजें”
  • यह नोट सीधे डिलीवरी पार्टनर आफताब खान के मोबाइल पर दिखाई दिया
  • इस तरह की मांग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई
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डिलीवरी बॉय ने ऑर्डर कैंसिल करने के बजाय लिया अलग फैसला

  • आफताब के पास विकल्प था कि वह ऑर्डर कैंसिल कर दें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया
  • उन्होंने तय किया कि वह खुद जाकर ग्राहक से इस नोट के पीछे की वजह समझेंगे
  • आफताब के मुताबिक, यह संदेश देखकर उन्हें दुख जरूर हुआ, लेकिन उन्होंने संवाद का रास्ता चुना

डिलीवरी के दौरान हुआ आमना-सामना

  • आफताब जब ऑर्डर लेकर ग्राहक के घर पहुंचे, तो शुरुआत में सामान्य माहौल था
  • उन्होंने सीधे ग्राहक से इस भेदभावपूर्ण नोट के बारे में सवाल किया
  • सवाल सुनते ही ग्राहक का रवैया बदल गया और वह शर्मिंदा नजर आया

ग्राहक ने मांगी माफी, बताई वजह

  • ग्राहक ने बताया कि यह नोट उन्होंने पहले गुस्से में लिखा था
  • उन्हें यह भी नहीं पता था कि इसे ऐप से कैसे हटाया जाए
  • बातचीत के दौरान ग्राहक ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी
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आफताब ने हटवाया विवादित नोट, दिया सकारात्मक संदेश

  • आफताब ने खुद ग्राहक के फोन से वह आपत्तिजनक नोट डिलीट कर दिया
  • दोनों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत हुई और मामला बिना विवाद के खत्म हो गया
  • आफताब ने कहा कि “गलतियां हर इंसान से होती हैं, माफी से दिल को सुकून मिलता है”

सोशल मीडिया पर चर्चा और संदेश

  • यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई
  • लोगों ने आफताब के व्यवहार और संयम की सराहना की
  • इस पूरे घटनाक्रम को सांप्रदायिक तनाव के बीच सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है

यह मामला न सिर्फ भेदभाव जैसे मुद्दे को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संवाद और समझदारी से किसी भी स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है।

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