नाबालिग छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म का मामला: लैपटॉप और मोबाइल से खुलेगा आरोपी का डिजिटल राज!

नागपुर के हुड़केश्वर थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान पुलिस डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी है। इसी क्रम में पुलिस ने ठाणे स्थित आरोपी के घर से लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों से आरोपी के कथित अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।

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आरोपी निर्भय माधव पाखरे को भेजा गया जेल

मामले में गिरफ्तार आरोपी निर्भय माधव पाखरे उर्फ आकाश मेहरा को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ उपलब्ध सभी भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र कर रही है।

फर्जी सोशल मीडिया खाते से छात्रा से संपर्क का आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने ‘आकाश मेहरा’ नाम से कथित फर्जी सोशल मीडिया खाता बनाया था और इसी खाते के माध्यम से नाबालिग छात्रा से संपर्क स्थापित करने का आरोप है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी और छात्रा के बीच संपर्क कैसे शुरू हुआ और बातचीत किस तरह आगे बढ़ी।

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लैपटॉप और मोबाइल से मिल सकते हैं अहम डिजिटल साक्ष्य

पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इनमें मौजूद चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया खाते, तस्वीरें, वीडियो और अन्य डिजिटल जानकारी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस पहले ही आरोपी के दो मोबाइल फोन जब्त कर चुकी है।

फॉरेंसिक जांच से खुलेगा डिजिटल डेटा का राज

जप्त किए गए सभी डिजिटल उपकरणों का एक साथ तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा। इससे आरोपी ने नाबालिग छात्रा से कब और किस माध्यम से संपर्क किया, इसके अलावा उसके सोशल मीडिया इस्तेमाल और अन्य गतिविधियों की जानकारी सामने आने की संभावना है।

ठाणे से नागपुर कैसे पहुंचा आरोपी?

जांच में पुलिस इस सवाल का भी जवाब तलाश रही है कि आरोपी निर्भय माधव पाखरे ठाणे से नागपुर कब और किस माध्यम से पहुंचा। यदि उसने विमान से यात्रा की थी, तो पुलिस यह पता लगा रही है कि टिकट किसने बुक किया, किस मोबाइल नंबर या ई-मेल का इस्तेमाल किया गया और टिकट का भुगतान किस माध्यम से किया गया।

हवाई अड्डे के रिकॉर्ड से मिलेगी आरोपी की गतिविधियों की जानकारी

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पुलिस आरोपी की गतिविधियों की सटीक जानकारी हासिल करने के लिए हवाई अड्डे के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। यात्रा से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जांच की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मामले में ठोस डिजिटल साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए चुनौती

पुलिस अब जांच की प्रत्येक कड़ी को वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों से जोड़ने में जुटी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल डेटा से मिलने वाली जानकारी को न्यायालय के समक्ष ठोस साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना जांच की महत्वपूर्ण कड़ी होगी।

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