नागपुर: ग्रामीण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने वाला कुही पुलिस थाना गंभीर कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। यहां स्वीकृत 62 पदों में से 33 पद रिक्त हैं और महज 28 कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में चोरी, दुर्घटनाओं, यातायात नियंत्रण, आंदोलनों और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
62 पदों में से 33 पद रिक्त
उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुही पुलिस थाने के लिए कुल 62 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 28 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। पुलिस अमलदार के 14 पद और पुलिस अमलदार के 15 पद रिक्त बताए गए हैं। इसके अलावा पुलिस हवलदार, सशस्त्र पुलिस नाईक और पुलिस उपनिरीक्षक सहित अन्य कर्मचारियों के पद भी खाली हैं।
एक ही टीम पर कई जिम्मेदारियां
कर्मचारियों की कमी के कारण उपलब्ध पुलिसकर्मियों पर कई तरह की जिम्मेदारियां एक साथ आ गई हैं। किसी अपराध की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचना, पंचनामा करना, जांच, गश्त, यातायात नियंत्रण, बंदोबस्त और थाने का रोजमर्रा का काम इन्हीं कर्मचारियों को संभालना पड़ रहा है।
बंदोबस्त और वीआईपी दौरों से बढ़ता दबाव
कुही क्षेत्र में विभिन्न आंदोलनों, वीआईपी दौरों, त्योहारों और अन्य कार्यक्रमों के दौरान अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में सीमित कर्मचारियों के कारण थाने के नियमित कामकाज पर भी दबाव बढ़ जाता है।
बढ़ती चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने की चुनौती
एक ओर पुलिस के सामने चोरी और अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर पर्याप्त मनुष्यबल उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की जरूरत महसूस की जा रही है।
कम कर्मचारियों पर बढ़ रहा काम का बोझ
तोकड़े मनुष्यबल के कारण उपलब्ध कर्मचारियों पर लगातार काम का अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि गृह विभाग को कुही पुलिस थाने में लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरने की दिशा में गंभीरता से कदम उठाना चाहिए, ताकि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।

