वायरल और सर्दी-खांसी के मामलों में तेजी, बीमार हो रहे नागरिक
नागपुर, 2 जनवरी 2026:
शहर में मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों ने दवाओं की मांग में तेज़ी ला दी है। सर्दी-खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि के कारण मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की बिक्री बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में हो रहे बदलाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि अस्पतालों में आने वाले कुल मरीजों में लगभग 60 से 70 प्रतिशत मरीज मौसमी और वायरल बीमारियों से पीड़ित हैं। इनमें सर्दी, खांसी, बुखार, टाइफाइड, पेट दर्द और शरीर दर्द की शिकायतें प्रमुख हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
मेडिकल कारोबारियों के अनुसार वायरल और सर्दी-खांसी के बढ़ते मामलों के चलते पैरासिटामोल, खांसी-जुकाम की दवाएं, एंटीबायोटिक्स और विटामिन सप्लीमेंट्स की मांग बढ़ गई है। बीते दो महीनों की तुलना में दवाओं की बिक्री में साफ़ इज़ाफ़ा देखा गया है। दवा विक्रेताओं का कहना है कि कई लोग आवश्यकता से अधिक दवाएं भी खरीद रहे हैं, जिससे स्टॉक जल्दी समाप्त हो रहा है।
डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों में 70 प्रतिशत तक वायरल रोगों से पीड़ित हैं। ठंड के मौसम में वायरल बुखार के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया के मरीज भी सामने आ रहे हैं। वायरल बुखार सामान्यतः तीन दिनों में उतर जाता है, लेकिन मौजूदा मौसम में कई मरीजों को 7 से 8 दिन तक बुखार बना रह रहा है, जिससे शरीर में कमजोरी बढ़ रही है।
चिकित्सकों ने बताया कि लंबे समय तक बुखार बने रहने से प्लेटलेट्स की संख्या में कमी देखी जा रही है। एक मरीज के अनुसार वह पिछले 15 दिनों से बुखार से पीड़ित था और जांच के बाद उसमें टाइफाइड की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचने और समय पर जांच कराने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे साफ-सफाई का ध्यान रखें, संतुलित आहार लें और पर्याप्त आराम करें। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

