नागपुर: बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान के बाद नागपुर में भारी आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप
आंदोलनकारियों का आरोप है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान में कहा कि “शिवाजी महाराज युद्ध करके थक गए थे और उन्होंने राजपाट रामदास स्वामी को संभालने के लिए कहा था।” इस बयान को लेकर संगठनों ने इसे इतिहास और शिवाजी महाराज के पराक्रम का अपमान बताया।
संभाजी ब्रिगेड और मराठा सेवा संघ हुए आक्रामक
रविवार को संभाजी ब्रिगेड, मराठा सेवा संघ, जिजाऊ ब्रिगेड, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति और विभिन्न कुणबी संगठनों की ओर से नागपुर के छत्रपति चौक में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
‘इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा’
संभाजी ब्रिगेड के महानगर अध्यक्ष प्रताप पटले ने कहा कि शिवाजी महाराज के इतिहास को जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत कर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे बहुजन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया।
पुलिस स्टेशन तक निकाला गया मोर्चा
प्रदर्शन के बाद संभाजी ब्रिगेड के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रतापनगर पुलिस स्टेशन तक मोर्चा निकाला और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को ज्ञापन सौंपा।
उद्धव सेना भी उतरी मैदान में
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विरोध में उद्धव सेना की ओर से भी महाल स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज चौक में आंदोलन किया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए शिवाजी महाराज के बारे में गलत बयानबाजी की गई है।
कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस आंदोलन में उद्धव सेना के नागपुर महानगर प्रमुख किशोर कुमेरिया, शहर प्रमुख संदीप रियाल पटेल, हरिभाऊ बानाईत, डॉ. मंजूषा बोधनकर, सुरेखा खोब्रागड़े, राजे जयसिंह भोसले, गुलाब भोयर, नितीन सोलंके, निखिल जाजुळवार, भूषण वंजार और राजू दळवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
29 तारीख को बड़े आंदोलन की चेतावनी
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 29 तारीख को महाल क्षेत्र में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने समाज के लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की है।
‘शिवराय के इतिहास पर गलत बयान बर्दाश्त नहीं’
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को लेकर किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या बयानबाजी को सहन नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे को राज्यभर में उठाया जाएगा।

