नागपुर में भीषण गर्मी का कहर! उष्माघात से पहली मौत, तपती दोपहर में परीक्षा देने पहुंचे हजारों बच्चे

नागपुर: विदर्भ समेत नागपुर में पड़ रही भीषण गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। रविवार को शहर का तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच उष्माघात से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि हजारों स्कूली बच्चों को तपती दोपहर में छात्रवृत्ति परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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उष्माघात से बुजुर्ग की मौत

भीषण गर्मी के बीच एसटी बस से यात्रा कर रहे लक्ष्मण अमृत पाटील (75) की उष्माघात के कारण मौत होने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया कि यात्रा के दौरान उन्हें अचानक बेचैनी महसूस होने लगी थी। यह घटना काटोल बस स्टेशन परिसर में सामने आई, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।

45 डिग्री तापमान में बच्चों की परीक्षा

महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित चौथी और सातवीं की छात्रवृत्ति परीक्षा रविवार को नागपुर के 228 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। इस परीक्षा में करीब 33 हजार छात्र शामिल हुए।

परीक्षा का पहला पेपर सुबह 11 बजे से 12:30 बजे तक और दूसरा पेपर दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक रखा गया था। इसी दौरान तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया, जिससे बच्चों को कड़ी गर्मी का सामना करना पड़ा।

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एक छात्र को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा

भीषण गर्मी के कारण कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, एक छात्र की हालत ज्यादा खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

पालकों ने जताया तीव्र विरोध

अभिभावकों और शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा परिषद को मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए परीक्षा सुबह के सत्र में आयोजित करनी चाहिए थी। राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति की जिला इकाई ने भी पहले ही परिषद से समय बदलने की मांग की थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।

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नागपुर की सड़कें हुई सुनसान

रविवार को गर्मी का असर इतना ज्यादा था कि दोपहर के समय नागपुर की सड़कें लगभग खाली दिखाई दीं। लोगों ने जरूरी काम के अलावा घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। शहर में कर्फ्यू जैसे हालात महसूस किए गए।

2017 के बाद पहली बार चौथी और सातवीं की परीक्षा

वर्ष 2016-17 के बाद पहली बार चौथी और सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की गई। इससे पहले पांचवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए परीक्षा ली जाती थी। इस बार चौथी के 20,238 और सातवीं के 13,603 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।

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डॉक्टरों की सलाह – दोपहर में बाहर निकलने से बचें

विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि तेज धूप और लू से बचने के लिए दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करें, अधिक पानी पिएं और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

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