नागपुर: शहर में सीवेज, ड्रेनेज और वेस्टवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़ी वित्तीय मदद का रास्ता खुल सकता है। 16वें वित्त आयोग (FC-16) के तहत देशभर के 22 शहरों को प्रमुख वेस्टवॉटर प्रबंधन परियोजनाओं के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिसमें महाराष्ट्र के नागपुर और पुणे शामिल हैं।
56,100 करोड़ रुपये के विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर घटक की सिफारिश
वित्त आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान चयनित शहरों में व्यापक वेस्टवॉटर प्रबंधन परियोजनाओं के लिए 56,100 करोड़ रुपये के स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपोनेंट (SIC) की सिफारिश की है।
2011 की जनगणना के आधार पर हुआ चयन
इस योजना के तहत 2011 की जनगणना के अनुसार 10 लाख से 40 लाख आबादी वाले शहरों को शामिल किया गया है। नागपुर और पुणे का शॉर्टलिस्ट होना शहर के सीवेज और जल निकासी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
शॉर्टलिस्ट होने से सीधे नहीं मिलेगा फंड
हालांकि, शॉर्टलिस्ट किए जाने का मतलब यह नहीं है कि नागपुर को निश्चित राशि का अनुदान स्वतः मिल जाएगा। नागपुर महानगरपालिका (NMC) को व्यापक वेस्टवॉटर प्रबंधन योजना तैयार करनी होगी और वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करना होगा। इसके बाद ही फंड जारी होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल का उद्देश्य मध्यम आकार के शहरों में बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण उत्पन्न हो रही सीवेज, जल निकासी और वेस्टवॉटर प्रबंधन की चुनौतियों को दूर करना है। नागपुर के शॉर्टलिस्ट होने से शहर में इन बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

