नागपुर: शहर के बहुचर्चित रामझुला हादसा मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी. एम. धानुरे ने बुधवार को मुख्य आरोपी रितिका उर्फ रितू मालू, उनके पति दिनेश बजरंगलाल मालू और उनकी मित्र माधुरी शिशिर सारडा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
दुर्घटना में दो युवकों की हुई थी मौत
यह दर्दनाक हादसा 25 फरवरी 2024 की रात करीब डेढ़ बजे मुख्य रेलवे स्टेशन के पास रामझुला पर हुआ था। आरोप है कि रितिका मालू शराब के नशे में तेज रफ्तार से मर्सिडीज कार चला रही थीं। कार पहले रामझुला के कठड़े से टकराई और इसके बाद मोहम्मद हुसैन गुलाम मुस्तफा (34) तथा मोहम्मद आतिफ मोहम्मद जिया (34) की दोपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई थी। दोनों बैंक फाइनेंस के क्षेत्र में काम करते थे।
रितिका मालू समेत तीन के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप
अदालत ने रितिका मालू, दिनेश मालू और माधुरी सारडा के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 304, 279, 337, 338, 201, 212 और 427 के तहत आरोप तय किए हैं। इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 (नशे में वाहन चलाना) और 184 (खतरनाक तरीके से वाहन चलाना) भी आरोपों में शामिल हैं।
दिनेश मालू पर सबूत नष्ट करने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, हादसे के बाद दिनेश मालू रितिका को पुलिस थाने ले जाने के बजाय अपने घर ले गए और बाद में अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने रितिका की चिकित्सकीय जांच में शराब के सेवन के प्रमाण सामने न आएं, इसके लिए प्रयास किए। इसी आधार पर उन पर सबूत नष्ट करने और आरोपी को छिपाने से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
माधुरी सारडा पर भी मामले में आरोप
अभियोजन का कहना है कि हादसे के समय माधुरी सारडा भी कार में मौजूद थीं। आरोप है कि हादसे के बाद रितिका और माधुरी ने घायल युवकों की मदद करने के बजाय घटनास्थल छोड़ दिया।
सीआईडी ने किया मामले की जांच
इस बहुचर्चित मामले की जांच राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने की है। सरकार की ओर से अधिवक्ता रश्मी खापर्डे ने न्यायालय में पक्ष रखा।

