रामटेक: बारहवीं और सीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस शाखा और पसंदीदा कॉलेज नहीं मिलने की चिंता एक 17 वर्षीय छात्र पर भारी पड़ गई। मानसिक तनाव के बीच छात्र ने सोमवार सुबह अपने घर में आत्महत्या कर ली। मृत छात्र की पहचान मयंक योगेंद्र द्रुगकर (17), निवासी अंबाला वार्ड, प्रभाग क्रमांक-2, रामटेक के रूप में हुई है।
सीईटी में कम अंक मिलने से तनाव में था मयंक
मयंक ने इसी वर्ष रामटेक के समर्थ जूनियर कॉलेज से बारहवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उसने सीईटी परीक्षा भी पास की थी। वह इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहता था। हालांकि, सीईटी में अपेक्षा से कुछ कम अंक मिलने के कारण उसे अपनी पसंदीदा शाखा और कॉलेज में प्रवेश मिलने को लेकर चिंता सताने लगी थी।
नतीजे के बाद से मानसिक तनाव में था
परिजनों के अनुसार, सीईटी का परिणाम आने के बाद से मयंक मानसिक तनाव में था। उसे लगातार इस बात की चिंता थी कि उसके मनपसंद कॉलेज और शाखा में प्रवेश मिल पाएगा या नहीं।
घर में अकेला था छात्र
सोमवार सुबह मयंक की मां अपनी छोटी बेटी के साथ मंदिर में पूजा करने गई थीं, जबकि उसके पिता काम पर गए थे। इस दौरान मयंक घर में अकेला था। कुछ समय बाद मां और बहन जब घर लौटीं तो उन्हें मयंक गंभीर अवस्था में मिला।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
परिजनों और पड़ोसियों की मदद से मयंक को तत्काल नीचे उतारकर रामटेक उपजिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रामटेक पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा किया। पुलिस ने अकस्मात मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विद्यार्थियों से संवाद और समुपदेशन जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, पढ़ाई, करियर और प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों पर बढ़ते दबाव के बीच माता-पिता और परिवार के सदस्यों का बच्चों से खुलकर संवाद करना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को भावनात्मक सहयोग, मानसिक आधार और सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए, ताकि वे कठिन परिस्थितियों का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें।

